डीपी सिंह की रचनाएं

काशी बोले बम बम डमरू की डम डम
हर ओर हर हर की ही ध्वनि आती है

मोह-माया काल -जाल काटते हैं महाकाल
उनकी कृपा से यहाँ जनता अघाती है

कष्टों की हरण-युक्ति, जीवन-मरण-मुक्ति
जानने की तृष्णा मणिकर्णिका पे लाती है

सुरसरि घाट पे जो शाम धुँधलाती है तो
गङ्गा आरती की छटा मन हर जाती है

 हर हर महादेव

–डीपी सिंह

Shrestha Sharad Samman Awards

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

17 + six =