प्रांजल वर्मा की कविता : सास कभी बुरी नहीं होती
।।सास कभी बुरी नहीं होती।। प्रांजल वर्मा सास कभी बुरी नहीं होती… वह बस उम्र
अनुराधा वर्मा “अनु” की अतुकान्त कविता : उम्मीद और प्रेरणा
।।उम्मीद और प्रेरणा।। अनुराधा वर्मा “अनु” बेटियाँ किसी घर में जन्म नहीं लेतीं, वह घर
सौमेन राय की कविता : तन्हाई
।।तन्हाई।। शलों में लिपटी चिंगारी और बस रही है तन्हाइयाँ खामोश है दिल की धड़कन
जयंती विशेष : झलकारी बाई शौर्य की अग्नि
।।झलकारी बाई शौर्य की अग्नि।। अशोक वर्मा “हमदर्द” धूपों में पली जो मिट्टी, वही दीप
गोपाल नेवार ‘गणेश’ की कविता : हिन्दुस्तान के वासी हैं गोरखा
।।हिन्दुस्तान के वासी हैं गोरखा।। गोपाल नेवार ‘गणेश’ सीमाओं की रक्षक है दुश्मनों के दुश्मन
डॉ. आर.बी. दास की रचना : हकीकत से अंजान लोग
।।हकीकत से अंजान लोग।। कल रात मेरी मुलाकात मौत से हुई, और उसने बोला… तुम्हारी
सौमेन रॉय की रचना : बेबसी
।।बेबसी।। कुछ लिखा था रेत में, समय बहा ले गया कुछ सपने थे आँखों में,
डीपी सिंह की रचना…
मन रमा है जग भ्रमण में कब लगे प्रभु – स्तुति – श्रवण में वास
डॉ. आर.बी. दास की रचना…
इंसान की परेशानियों की सिर्फ दो ही वजह है… वह तकदीर से ज्यादा चाहता है,
डीपी सिंह की व्यंग्य रचना : गांधी की तस्वीर
गांधी… यह शब्द सुनते ही मस्तिष्क में एक तस्वीर उभर आती है… गोल चश्मा लगाए,
