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गंदी दृष्टि (लघुकथा) :– अदिति कुमारी सिंह

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पापा के साथ गई 10 साल की दिव्या को यह पता नहीं की लोगों की दृष्टि भी इतनी खराब हो सकती है। मुंह पर...

दीपा ओझा की कविता :  “मैं स्त्री हूँ”

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 "मैं स्त्री हूँ" मैं स्त्री हूँ सुना था कभी लोगों से देवी स्वरूप हूँ क्योंकि मैं स्त्री हूँ कहते हैं लोग अक्सर तुम लक्ष्मी बनो अपने आँगन की तुम शिक्षादायनी बनो वीणावादिनी सी परिवार...

साहित्य का खुला मंच और “साहित्य समाज” का लोकार्पण

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तारकेश कुमार ओझा, खड़गपुर : रेल शहर खड़गपुर मंगलवार को एक विरल साहित्यिक परिघटना का साक्षी बना । शहर के बोगदा स्थित मनीशंकरी बुक...

रिया सिंह की कविता : “ज्ञान की देवी”

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"ज्ञान की देवी" जो जड़ में भी, चेतना का विस्तार कर दे अपने ज्ञान की ज्योति से चारो दिशाओं में प्रकाश भर दे कुछ इस तरह है वो ज्ञान कि...

पीयूष गोयलः सपने देखे और पूरे भी किए …

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कहते हैं कि हर इंसान के भीतर कुछ न कुछ अलौकिक प्रतिभा छिपी होती है। आवश्यकता है तो सिर्फ उसे पहचान कर सही दिशा...

खांटी खड़गपुरिया की कविता : खिलखिलाता रहे खड़गपुर…!!

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कोरोना काल में भी शारदीय नवरात्र के उत्सव ने खांटी खड़गपुरिया तारकेश कुमार ओझा में भर दिया अपूर्व उत्साह तो फूट पड़ी नई कविता ... -------------------------- ढाक...

सदी के 131श्रेष्ठ व्यंग्यकारों के संकलन का लोकार्पण

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बंगाल के एक व्यंग्यकार को किया शामिल देश के सुप्रसिद्ध कवि एवं चर्चित व्यंग्यकार श्री अशोक चक्रधर ने कहा कि व्यंग्य बहुत प्रभावशाली विधा है।...

अभिषेक पाण्डेय की कविता : “हिंदी का हो रहा सोलह श्रृंगार”

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"हिंदी का हो रहा सोलह श्रृंगार"  'इंग्लिश' लगाती पैरों में महावर 'भोजपुरी' ने हाथों में रचायी मेहंदी है। मिल सब सखियाँ कर रहीं श्रृंगार 'हिंदी' का अभिलाषा हो रही पूरी सबकी...

हिंदी दिवस पर विशेष : राष्ट्रभाषा हिंदी की वर्तमान दशा- दिशा

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राष्ट्रभाषा का शाब्दिक अर्थ है राष्ट्र की भाषा, जो भाषा देश के बहुसंख्यक लोगों द्वारा व्यवहार में लायी जाती है। भारत की मुख्य विशेषता यह...

भूमंडलीकरण के दौर में हिंदी : दशा एवं दिशा

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'भूमंडलीकरण' शब्द भारतीय संस्कृति के 'वसुधैव कुटुंबकम' की उतर आधुनिक  सोच है ।भारतीय अवधारणा मानवता पर आधारित है जबकि भूमंडलीकरण का नवोन्मेष अर्थ पर...

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