डॉ. आर.बी. दास की कविता

अंधों को अंधेरे से कोई फर्क नहीं पड़ता, उगते सूरज से भी कोई फर्क नहीं

बरषा काल मेघ नभ छाए, गरजत लागत परम सुहाए

श्री राम पुकार शर्मा, हावड़ा। प्रकृति सर्वदा से ही मानव सहित समस्त चराचरों के पल-पल

डीपी सिंह की रचना : आन्दोलन

।।आन्दोलन।। डीपी सिंह माना, कुछ उपलब्धि देश ने आन्दोलन से पाई है पर इसकी औलादों

डीपी सिंह की रचनाएं

।।नेता निर्माण प्रक्रिया।। डीपी सिंह नर जन्म तो है, ईश्वर की रचना पर है अजूबा,

डीपी सिंह की रचनाएं

।।आज का कटु सत्य।। डीपी सिंह अंधी देवी को दिया, हाथों में तलवार लाठी चौकीदार

डॉ. आर.बी. दास की कविता : दोस्त अब थकने लगे है

।।दोस्त अब थकने लगे है।। डॉ. आर.बी. दास किसी का पेट निकल आया हैं, किसी

देवनागरी लिपि : भारतीय भाषाओं की एकता का आधार पर केंद्रित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी सम्पन्न

उज्जैन। राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना द्वारा नागरी लिपि परिषद नई दिल्ली के सहयोग से अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी

तीसरे एएलएस विमेंस अलायन्स कॉन्क्लेव 2024 का सफल आयोजन

नयी दिल्ली/कोलकाता। एएलएस विमेंस अलायन्स ने तीसरे एएलएस विमेंस अलायन्स  कॉन्क्लेव 2024 का आयोजन एम.एल. भरतिया

हावड़ा में 6000 दुर्लभ और जीर्ण पांडुलिपियों के संरक्षण की अद्भुत पहल

संपदाओं को सुरक्षित रखने हेतु भक्ति वेदान्त रिसर्च सेंटर कर रहा प्रयास हावड़ा (पश्चिम बंगाल)।

डॉ. आर.बी. दास की कविता : मुसीबत में कोई नही

।।मुसीबत में कोई नही।। डॉ. आर. बी. दास सीता के रखवाले राम थे, जब हरण