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नाम शोहरत काम नहीं अंजाम नहीं

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सबसे पहले इस आलेख को किसी व्यक्ति के पक्ष विपक्ष से जोड़कर नहीं निरपेक्ष भावना और निष्पक्षता से विचार करें। पिता जी ने साहस...

ज़िंदगी पर सबका एक सा हक़ हो

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साल नया है नया ज़माना अभी तक आया नहीं है। लोग भूल गए ऐसी कहानियों पर फिल्म बनाया करते थे फ़िल्मकार। फिल्म का उद्देश्य...

सोशल मीडिया पर सर्टिफिकेट्स का गोरखधंधा

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(सोशल मीडिया पर न करें पैसों का लेनदेन) 21वीं सदी में हमारी चाल, चरित्र और चेहरा आज देश के समक्ष गम्भीर समस्या बन चुका है।...

किसान होना क्या होता है

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मोदी जी उनके दल के विधायक सांसद अन्य दलों के नेताओं कुछ पढ़े लिखे कुछ नासमझ धन दौलत के पुजारी अधिकारी उद्योगपति देश के...

किसान की ताकत किसान का हौंसला

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मुझे इक महान विदेशी जानकार की कही बात याद आई है। उनका नाम भूल गया बात कभी नहीं भूला। उन्होंने कहा था सबसे खुशहाल...

जीवन भर साथ निभाने की बात

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महिलाओं को मना किया है क्योंकि कहते हैं उनको बताई बात राज़ नहीं रहती है। पहली राज़ की बात उन्हीं को लेकर है जो...

जनसेवकों के लिए न्यूनतम समर्थन वेतन तय हो

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सबसे पहले न्यूनतम समर्थन मूल्य का मकसद समझते हैं। किसान को समझाया जाता रहा है कि आपको अनाज पैदा करना है मगर क्योंकि हर...

अन्नदाता तुम आना जब दिल्ली बुलाए ( मरी हुई संवेदना )

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किसानों को दिल्ली आने से रोकना सत्ता का अनुचित इस्तेमाल कर तमाम तरह से , उनको अपनी बात दिल्ली की बहरी सरकार को सुनाना...

कितनी लाशों पे अभी तक, एक चादर सी पड़ी है

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जाँनिसार अख़्तर जी की ग़ज़ल से दो शेर उधार ले रहा हूं। आज 27 नवंबर सच की खातिर जान देने वाले एक आईएएस अधिकारी...

आखिर क्यों दुर्व्यवहार की शिकार हो रही है देश में महिलाएँ?

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21वी सदी में बेटियां जहाँ एक ओर कामयाबी की नित नई सीढ़िया चढ़ रही है, गरीबी और कम संसाधनों के बावजूद अपने दम पर...

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