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मैं कतरा हो के भी तूफ़ां से जंग लेता हूं (हास-परिहास)

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विषय बदल गया है साल तक जिन कृषि कानूनों के फायदे समझा रहे थे अचानक हिसाब लगा रहे हैं उनको हटाने से कितना मुनाफ़ा...

आज़ादी किस ने दिलाई पर चर्चा करने वालों से सवाल – डॉ. लोक सेतिया

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डॉ. लोक सेतिया : खेदजनक है जिनको देश समाज से पहले अपने स्वार्थ की चिंता रहती है ऐसे तमाम लोग लाखों करोड़ों देशवासियों की...

दीप पर्व दिव्य आत्मा और सभी को श्रद्धा और स्नेह से जोड़ने की शक्ति...

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लेखिका, कवियत्री - पूजाश्री युगों से चले आ रहे अंधकार और प्रकाश के बीच संघर्ष और संघर्ष की कहानी में अंधकार पर प्रकाश की जीत...

घर की दास्तान (हक़ीक़त) डॉ. लोक सेतिया

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डॉ. लोक सेतिया : हुआ करते थे घर गलियां चौबारे और लोग रहते ही नहीं थे जीते भी थे। अधिक पुरानी बात नहीं है...

क्या ये गर्व-अभिमान की बात है (सच सिर्फ सच) डॉ. लोक सेतिया

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क्या ये गर्व-अभिमान की बात है (सच सिर्फ सच) डॉ. लोक सेतिया : सभी लोगों को अपनी हैसियत समझा रहा था। बड़े बड़े साधु संतों...

गठबंधन सरकार से विवाह संबंध तक (हंसते-हंसाते)

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डॉ. लोक सेतिया : समझ का फेर है अन्यथा विधाता के निर्णय में होती कभी नहीं इक पल की देर है माना साफ नज़र...

मोदी का एकमात्र विकल्प है ममता

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वरिष्ठ पत्रकार पारो शैवलिनी की कलम से 2024 में आगामी लोकसभा चुनाव होना है। इस चुनाव में देश की हर छोटी-बड़ी पार्टी के सामने एकमात्र...

गरीब भगवान भरोसे, रईस सरकार भरोसे (तरकश)

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डॉ. लोक सेतिया : ये राजनीति का मंच है दर्शक अंधेरे में रहते हैं सच कभी नहीं दिखाई देता झूठ का खूबसूरत दिलफ़रेब नज़ारा...

ऊंचे पर्वत पर खड़े हुए बौने लोग

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कुछ ऐसा ही लग रहा है जैसे कोई किसी की बड़ी रेखा को छोटा कर दिखाने को अपनी सामने बड़ी रेखा नहीं खींच कर...

हिंदी को गंगा नहीं, समुद्र बनना होगा- हिंदी दिवस का मूलमंत्र

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मनीषा झा : हिंदी विश्व की तीसरी सबसे बड़ी भाषा होने के बावजूद हिंदी को अपने देश में ही सौतेले व्यवहार का सामना करना...

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