देश समाज की बर्बादी को अग्रसर ( लूट का शासन ) : डॉ लोक सेतिया

शायद नहीं अब यकीनन कहा जा सकता है कि हमारे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में

भारतीय ज्ञान परंपरा, नई शिक्षा नीति और शिक्षा व्यवस्था का संकट नालंदा से भविष्य की ओर – डॉ. विक्रम चौरसिया

नई दिल्ली। भारत की पहचान केवल उसकी जनसंख्या या अर्थव्यवस्था से नहीं, बल्कि उसकी समृद्ध

विनय सिंह बैस की कलम से : बाते धुरंधर फिल्म की

नई दिल्ली। ‘धुरंधर’ फिल्म की पिछले कुछ दिनों से इतनी चर्चा सुन चुका था कि

राष्ट्र व मानवता सर्वोपरि : परिवार ही राष्ट्र की नींव – डॉ. विक्रम चौरसिया

नई दिल्ली। आज इंसान चाँद पर पहुँच गया है, लेकिन अपने घर और रिश्तों से

विनय सिंह बैस की कलम से – बैसवारा की कतकी/कार्तिक पूर्णिमा!

“करवा हैं करवाली, उनके बरहें दिन दिवाली। उसके तेरहें दिन जेठुआन, और फिर चुटिया-पुटिया बांध

एक सपना हुआ अपना, विश्व कप विजेता महिला क्रिकेट टीम को बधाई

कोलकाता। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की इस ऐतिहासिक विश्व कप विजय को केवल एक खेल

संस्कारों की कमी और आधुनिक रिश्तों की त्रासदी! डॉ. विक्रम चौरसिया

“मानवता, संवेदनशीलता और संस्कार ही समाज के वास्तविक विकास की नींव हैं।” नई दिल्ली। आज

डॉ. संतोष एलेक्स : भारतीय साहित्य के बहुभाषी सेतु

तारकेश कुमार ओझा, खड़गपुर। भारतीय साहित्य की बहुरंगी परंपरा में डॉ. संतोष एलेक्स एक सशक्त

ठहरो मत, चलते रहो – मेहनत का असर कहीं न कहीं जरूर हो रहा है – डॉ. विक्रम चौरसिया

नई दिल्ली। जिंदगी में ऐसे लोग मिलते हैं जो आपको नीचा दिखाने की कोशिश करते

दीपावली 2025 : वैश्विक आलोक का पर्व- अंधकार से प्रकाश, दरिद्रता से समृद्धि और मानवता से एकता की ओर

दीपावली, जिसे “दीपों का पर्व” कहा जाता है,केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में