विद्रोही कवि काजी नजरुल इस्लाम की कविता का हिंदी अनुवाद

।।विद्रोही।। मूल बांग्ला कविता : काजी नजरूल इस्लाम (हिंदी अनुवाद : श्री गोपाल मिश्र) 1/9

डॉ. आर.बी. दास की रचना

उम्मीद की ढाल लिए बैठा हूं… ऐ जिंदगी… तेरी हर चाल के लिए मैं, दो

श्री गोपाल मिश्र की रचना : एक घोटाला किरणों का

।।एक घोटाला किरणों का।। ऐ धूप! हे चाँदनी! न लाओ अपने पार्थिव कलह, मेरे दिव्य

शुभम साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था का कवि सम्मेलन सम्पन्न

बरेली। शुभम साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था के कवि सम्मेलन में योजना आयोग के सदस्य उमेश

खाकुड़दा : आंचलिक भाषाओं को बचाना बड़ी चुनौती

तारकेश कुमार ओझा, खड़गपुर : पश्चिम मेदिनीपुर जिला अंतर्गत खड़गपुर तहसील के बेलदा स्थित खाकुड़दा

अशोक वर्मा “हमदर्द” की दिल को छू लेने वाली कहानी : जुदाई प्यार का

अशोक वर्मा “हमदर्द”, कोलकाता। प्यार एक अहसास है जो किसी भी सीमा या धर्म के

डॉ. आर.बी. दास की कविता : बढ़ती उम्र

।।बढ़ती उम्र।। डॉ. आर.बी. दास बढ़ती उम्र खत्म कर देती है लगाव, लोगों से, चीजों

डॉ. आर.बी. दास की कविता

जब झूठे शोर मचाते हैं, तब सच्चे चुप हो जाते हैं, जब सच्चे चुप हो

प्रयागराज के महाकुंभ में बौद्धिक विचारों का महाकुंभ…

कोलकाता। वैश्विक संस्कृतिक महोत्सव महाकुम्भ में भारत की सांस्कृतिक अस्मिता और भाषाई पहचान को दिशा