फोटो साभार : गूगल

कोलकाता : राज्य में बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामले के बीच एक अच्छी खबर प्रकाश में आई है। यहां कोरोना वायरस की चपेट में आया एक मरीज 38 दिनों तक महानगर के आमरी अस्पताल में वेंटिलेटर पर रहा। इतने दिनों तक वेंटिलेटर पर रहने के बाद वह ठीक होकर अपने घर लौटा है। आमरी अस्पताल के चिकित्सकों ने मरीज को स्वस्थ करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी और शुक्रवार 8 मई को उसे अस्पताल से छुट्टी दी गई।

मरीज की उम्र 52 साल है जो महानगर के टाॅलीगंज का रहने वाला है। मरीज को लगातार 38 दिनों तक वेंटिलेटर पर रखा गया, उसके बाद वह स्वस्थ हुआ। कोरोना मरीजों की बात करें तो भारतीय चिकित्सा के इतिहास में यह एक ऐतिहासिक घटना होगी, जब इतनी लम्बी अवधि तक वेंटिलेटर पर रहने के बाद मरीज को स्वस्थ कर दिया गया।

जानकारी के अनुसार मरीज को 29 मार्च को ढाकुरिया के आमरी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सांस लेने में समस्या हो रही थी। दूसरे ही दिन उन्हें वेंटिलेटर पर रखने की नौबत आ गयी। 30 मार्च को उनका कोरोना टेस्ट किया गया, जिसकी रिपोर्ट पाॅजिटिव आ गयी। उनके शरीर से कोरोना संक्रमण मिटाने का ईलाज शुरू हो गया। 17 और 18 अप्रैल को फिर परीक्षण किया गया। दोनों ही परीक्षणों में उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई। लेकिन सांस लेने में जो कष्ट था, वह बरकरार रहा। इस कारण उन्हें लगातार वेंटिलेटर पर रखना पड़ा।

इसके बाद दो मई तक मरीज वेंटिलेटर पर ही रहा। स्वास्थ्य में थोड़ा सुधार होने पर वेंटिलेटर की अवधि कम करके 12 घंटे कर दी गयी और पांच मई को वे स्वस्थ तरीके से सांस लेने की स्थिति में आ गए। अब उन्हें ट्रांसफर करके हाई डिफिनेशन यूनीट में रखा गया। शुक्रवार 8 मई को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी गई। व्हीलचेयर पर घर लौटते मरीज की आंखों में तो आंसू थे, माहौल भी ऐसा बना कि अन्य लोगों की आंखों में आंसू आ गए।

अस्पताल की ओर से क्रिटिकल केयर कंसलटेंट डा. शाश्वती सिन्हा ने कहा कि कठिन स्थिति में हमने लड़ाई जारी रखी। पूरी टीम ने कड़ी मेहनत की है। वहीं स्वस्थ होकर घर लौटे मरीज ने कहा कि इस अस्पताल के चिकित्सकों ने मुझे नया जीवन दिया है। मेरी प्रार्थना है कि सभी मरीज स्वस्थ होकर अपने घर लौटें।

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