कोलकाता समेत पूरे राज्य में निकली रामनवमी की भव्य शोभायात्रा, हावड़ा में पथराव- आगजनी

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता समेत पूरे राज्य में रामनवमी की भव्य शोभायात्रा निकाली गई है। अकेले कोलकाता में 44 शोभायात्रा निकली है जिनमें से छह बड़ी और 38 छोटी यात्राएं हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद, भारतीय जनता पार्टी और अन्य हिंदूवादी संगठनों की ओर से पूरे राज्य में कमोबेश एक हजार शोभायात्राएं निकाली गई हैं। इनमें से हावड़ा में निकली शोभायात्रा पर पथराव और बाद में आगजनी हुई है। बताया गया है कि मुस्लिम बहुल क्षेत्र से जब शोभायात्रा गुजर रही थी तब छतों से उस पर पथराव किया गया और बाद में आग लगा दी गई। हालात बिगड़ने के बाद मौके पर पुलिस पहुंची और शांति बहाल करने की कोशिश हो रही है।

भाजपा पार्षद सजल घोष ने हावड़ा के रामराजातला में रामनवमी की शोभायात्रा में शिरकत की। उन्होंने कहा कि इस जगह का नाम भगवान राम के नाम पर रखा गया है। शोभा यात्राओं में निश्चित तौर पर अस्त्र-शस्त्र का इस्तेमाल होना चाहिए क्योंकि भगवान राम ने राक्षसों के खिलाफ इसका इस्तेमाल किया था। दिलीप घोष भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि भगवान राम ना केवल मर्यादा पुरुषोत्तम थे बल्कि दुष्टों के संहार का संदेश भी हमें देते रहे हैं।

नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने अपने विधानसभा क्षेत्र नंदीग्राम में शोभायात्रा में शिरकत की। उसके बाद उन्होंने जानकी नाथ मंदिर में पूजा पाठ की। शाम के समय कोलकाता के मौलाली में भाजपा युवा मोर्चा की ओर से आयोजित एक शोभायात्रा में वह शामिल हुए। भाजपा के नेता राहुल सिन्हा भी कोलकाता के भवानीपुर की शोभायात्रा में शामिल हुए। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला बोलते हुए कहा कि बनर्जी को राज्य के लोगों से माफी मांगनी चाहिए क्योंकि नौ दिनों के उपवास के बाद भगवान राम की शोभायात्रा निकाली जाती है जबकि अल्पसंख्यक समुदाय को खुश करने के लिए उन्होंने कई बार रामनवमी की यात्रा रोक दी है।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और सांसद सुकांत मजूमदार ने उत्तर दिनाजपुर के ऊंचाहार और दक्षिण दिनाजपुर के बालूरघाट में शोभायात्रा में शिरकत की। हावड़ा में हुई हिंसा के लिए भाजपा ने ममता पर निशाना साधा। पार्टी के प्रवक्ता और आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने कहा कि हावड़ा में हुई हिंसा के लिए राज्य के गृह मंत्री के तौर पर पूरी तरह से ममता बनर्जी जिम्मेदार हैं। क्योंकि उन्होंने चेतावनी दी थी कि हिंदुओं को मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में नहीं जाना होगा क्योंकि रमजान चल रहा है। वह भूल गईं कि नौ दिनों के उपवास के बाद नवरात्रि का त्योहार पूरा होता है। उनके लिए केवल अल्पसंख्यक समुदाय की भावनाएं मायने रखती हैं। उनके बयान की वजह से हमलावर अल्पसंख्यक समुदायों का मनोबल बढ़ा हुआ है और रामनवमी की शोभायात्रा पर पथराव हुआ है।