नोटबंदी से सबसे अधिक नुकसान आदिवासी समुदाय को हुआ: शत्रुघ्न

आसनसोल। आसनसोल लोकसभा उपचुनाव में तृणमूल प्रत्याशी शत्रुघ्न सिन्हा के समर्थन में बीएनआर स्थित रवींद्र भवन में बुधवार को सभा आयोजित की गयी। इसमें विभिन्न हिस्सों से आदिवासी समुदाय के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। आदिवासी समुदाय के लोग अपने पारंपरिक वेशभूषा में उपस्थित थे । उन्होंने पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया। इस मौके पर शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि केंद्र सरकार के रातों रात नोटबंदी और जीएसटी आदि लागू करने से सबसे ज्यादा गरीब लोगों को तकलीफ हुई। इन निर्णयों से पूरे देश में हाहाकार मच गया। लोग बेरोजगार हुए और छोटे छोटे दुकानदारों की आजीविका प्रभावित हुई।

उन्होंने कहा कि नोटबंदी से सबसे ज्यादा नुकसान हमारे उन आदिवासी माताओं और बहनों को हुआ, जिन्होंने अच्छी सोच और भविष्य के इरादों से अपने पति की कमाई का कुछ हिस्सा छुपा कर घर के आपात स्थितियों से निबटने के लिए रखा था।  वे पेशे से फिल्म कलाकार और राजनेता हैं, लेकिन वह जमीनी सच्चाई से वाकिफ हैं और आम जनता की तकलीफ को समझते हैं। सांसद कल्याण बनर्जी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के द्वारा आदिवासियों एवं संथाली संप्रदाय के हित में किये गए कार्यों को गिनाते हुए कहा कि पूरे देश में बंगाल में सबसे अधिक एसटी प्रमाणपत्र जारी किये गये हैं।  ताकि योजनाओं का लाभ लेने में उन्हें कोई दिक्कत न हो।

आजतक किसी ने भी आसनसोल के मुद्दों को यहां के जनता की जरूरतों को संसद में नहीं उठाया। किसी ने भी यहां के विकास को संसद में मुद्दा नहीं बनाया। मंत्री मलय घटक ने कोयला खदानों के निजीकरण के पूर्व खदानों में कार्यरत श्रमिकों के दयनीय हालातपर चिंता जताते हुए कहा कि केंद्र सरकार कोलियरी , सेल व अन्य केंद्रीय संस्थानों का निजीकरण कर रही है। जिससे एक बार फिर हमारे मजदूर भाइयों को शोषण का शिकार होना पड़ेगा। इसलिए हमें आसनसोल से शत्रुघ्न सिन्हा जैसे एक ऐसे लड़ाकू व्यक्ति को चुनकर संसद भेजना है जो यहां के लोगों के मुद्दों को संसद में उठाए और उनके हक की बात करें।

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