डॉ. आर.बी. दास की रचना : हकीकत से अंजान लोग

।।हकीकत से अंजान लोग।। कल रात मेरी मुलाकात मौत से हुई, और उसने बोला… तुम्हारी

डॉ. आर.बी. दास की रचना…

इंसान की परेशानियों की सिर्फ दो ही वजह है… वह तकदीर से ज्यादा चाहता है,

डॉ. आर.बी. दास की रचना…

जीवन का उद्वेश्य कुछ ऐसा होना चाहिए… धन बेशक कम हो, संतुष्टि ज्यादा हो। पद

डॉ. आर.बी. दास की रचना : आज की सच्चाई

।।आज की सच्चाई।। लोगों के दिल में कुछ है, लेकिन जुबां पर कुछ और है,

डॉ. आर.बी. दास की रचना…

वक्त ठहरा कहां है, वक्त चलता जाता है, धीरे धीरे जिंदगी में, सब बदलता जाता

डॉ. आर.बी. दास की रचना…

सूर्य धीरे धीरे निकलता है, ऊपर उठता है और दुनियां को प्रकाशित करता है। उसी

डॉ. आर.बी. दास की रचना 

।।डॉ. आर.बी. दास की रचना।। धैर्य का दामन कभी नहीं छोड़ना चाहिए, सभी कार्य सफल

डॉ. आर.बी. दास की रचना

।।डॉ. आर.बी. दास की रचना।। बोलने से पहले सुनना सीखिए, खर्च करने से पहले कमाना

डॉ. आर.बी. दास की रचना…

जिंदगी ने कुछ लेकर, तो कुछ देकर, हमें जीना सिखाया है, सब हमारा नहीं है,

आर.बी. दास की रचना…

।।आर.बी. दास की रचना।। अपनी नजर में सही रहिए… दुनियां की मत सोचिए… अपना कर्म