बुनकर समाज अर्थात पान समाज के प्रेरणा स्त्रोत बाबू मुकुंद राम जी की जयंती पर विशेष…

राज कुमार गुप्त, रांची/कोलकाता : पान गुरु बाबू मुकुन्द राम जी पान/ताँती/स्वाँसी/चौपाल समाज के आर्दश हैं। इनकी जयंती : 15 मार्च 1902 तथा पुण्यतिथि : 18 अप्रैल 2005 है। पान गुरु बाबू मुकुन्द राम तांती जी एक स्वच्छ छवि वाले समाज के प्रति समर्पित और सकारात्मक सोच रखने वाले व्यक्ति थे। तत्कालीन बिहार के नोआमुंडी जोड़ा माइन्स (वर्तमान में झारखण्ड) में श्रमिक संगठन के लोकप्रिय नेता थे। उनका पहला आंदोलन एक छोटे से चीनी मिल से आरंभ हुआ था और देखते ही देखते लोकप्रिय हो गए थे। सभी उनको मान सम्मान इज्जत की नजरों से देखते थे। वे सामाजिक कार्यों में सभी व्यक्ति का साथ देते थे। बाबू मुकुंद राम ताँती जी के पास जयपाल सिंह मुंडा के द्वारा जब बहरागोड़ा विधानसभा से चुनाव लड़ने के लिए प्रस्ताव आया तो उसे उन्होने सहर्ष स्वीकार किया तथा 1952 के चुनाव में निर्दल निर्वाचित हो कर बिहार विधानसभा के विधायक बने।

उनके द्वारा किए गए कुछ उल्लेखनीय कार्य :
1) चाईबासा मध्य विद्यालय में हर साल शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं को प्रेरित करने के लिए पुरस्कार वितरण किया करते थे।

2) सामाजिक संगठन और मजबूत पान/ताँती/स्वाँसी जाति के लिए सामाजिक मर्यादा में रहने के लिए उन्होंने 6 किताब लिखे। अनुसूचित अंतर्गत जाति, नीति, नियमों के अनुसार से अपनी 1. सामाजिक 2. आर्थिक 3. शैक्षणिक 4. राजनीतिक मजबूती को बढ़ाएं और उसमें कैसे और मजबूती प्रदान किया जा सके। बाबू मुकुंद राम तांती जी का सर्वदा एक ही लक्ष्य था कि समाज एक सूत्र में बंधा हो और समाज का संगठन मजबूत हो।

3) नोआमुंडी जोड़ा माइन्स यूनियन कमेटी के पूर्व अध्यक्ष रह चुके बाबू मुकुंद राम तांती 29 वर्षों तक जोड़ा माइन्स टाटा स्टील में कार्यरत थे।

4) बाबू मुकुंदराम ताँती द्वारा ही यह बताया गया था कि, पान/ताँती एक ही जाति/समाज के लोग हैं। पान हमारी मूल जाती है और ताँती हमारी उपजाति या उपाधि भी कह सकते हैं, उनके द्वारा ही प्रयास किया गया था, जिससे की आज अनुसूचित जाति में बिहार, उड़ीसा, आसाम, बंगाल में सुविधा मिली हुई हैं।
पान गुरु बाबू मुकुंद राम ताँती के नेतृत्व में एस/सी कोटा में रहने वाले कई लोगों ने लाभ उठाया और उन सभी को एक मार्गदर्शक के रूप में पान गुरु बाबू मुकुंद राम ताँती ने अन्य समुदाय के लोगों को भी अपनी विचारधारा से प्रभावित किया और जगह बनाई।

5) उनके शिष्य रह चुके झारखण्ड के पूर्व मंत्री मधु कोड़ा द्वारा पान गुरु बाबू मुकुंदराम ताँती की प्रतिमा 2007 मे स्थापित की गई है, जो कि जगन्नाथपुर मेन चौक पर स्थित है। जो आज भी उनकी लोकप्रियता को प्रमाणित करती है। पान गुरु बाबू मुकुंद राम ताँती जी की विधानसभा में भी तस्वीर लगी हुई है। उनके पान समाज के लोग उन पर आज भी गर्व करते हैं। पूर्व मे उनके द्वारा किए गए प्रयासों के कारण ही पान समाज के लोगों को संविधान एवं सरकार द्वारा अनुसूचित जातियों में सम्मिलित किया गया है।

सूचना : लेख विभिन्न स्रोतों द्वारा प्राप्त जानकारी के आधार पर और राजकुमार गुप्त द्वारा संपादित
फोटो सौजन्य : विनोद कुमार गुप्ता (वरिष्ठ चित्रकार)

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