IMG 20240605 WA0067

श्री शनिदेव जी जयंती 06 जून गुरुवार को मनाई जाएगी

नवग्रहों में श्री शनिदेव जी सबसे ज्यादा शक्तिशाली ग्रह है

वाराणसी। नवग्रहों में श्री शनिदेव जी सबसे ज्यादा शक्तिशाली ग्रह है। इस वर्ष सन् 2024 ई. श्री शनिदेव जयंती 06 जून गुरुवार को मनाई जाएगी। धर्मग्रंथों के अनुसार ज्येष्ठ अमावस्या के दिन श्री शनिदेव जी का जन्म हुआ था। मान्यता के अनुसार, शनिदेव भगवान सूर्य और माता छाया के पुत्र हैं। ज्येष्ठ अमावस्या तिथि 05 जून बुधवार शाम 07 बजकर 56 मिंट पर शुरू होगी और 06 जून शाम 06 बजकर 08 पर समाप्त होगी,सूर्योदय व्यापिनी अमावस्या तिथि 06 जून गुरुवार को है इस लिए श्री शनिदेव जयंती 06 जून गुरुवार को मनाई जाएगी। श्री शनिदेव न्याय प्रिय और दंडाधिकारी हैं इसलिए उन्हें कलयुग का न्यायाधीश कहते हैं। श्री शनिदेव का कार्य प्रकृति में संतुलन पैदा करना है ज्योतिष शास्त्र के अनुसार श्री शनिदेव जी कर्म और सेवा का कारक होते है यानि इसका सीधा संबंध आपकी नौकरी और व्यवसाय से होता है। इनके प्रभाव से ही मनुष्य के जीवन में बड़े बदलाव होते हैं।

श्री शनिदेव जयंती को शनि देव की पूजा से कुंडली के शनि दोष, ढैय्या, साढ़ेसाती आदि के अशुभ प्रभावों से मुक्ति मिलती है। श्री शनिदेव जी की साढे़साती मकर राशि, कुंभ राशि और मीन राशि पर है, मकर वालों पर इसका अंतिम चरण, कुंभ वालों पर दूसरा चरण और मीन वालों पर अभी पहला ही चरण चल रहा है।वहीं कर्क और वृश्चिक राशि वालों पर शनि की ढैय्या है। इसलिए विशेष रूप से इन पांच राशियों के लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है इसके अतिरिक्त जिन राशियों पर शनि की महादशा,अंर्तदशा चल रही है वह भी सतर्क रहे।

यह भी पढ़ें:  कैनिंग में मिला संदीप घोष का दस बीघे जमीन पर बना बंगला

आइए जाने कैसे शनि देव को प्रसन्न किया जा सकता है?
काली गाय की सेवा करने से श्री शनिदेव जी प्रसन्न होते हैं। गरीबों, असहायों को शनिवार को काला कंबल सप्तधान्य, काले वस्त्र दान करें। इस दिन व्रत रखें। श्री शनिदेव के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करें। इन 10 नामों से श्री शनिदेव का पूजन करें कोणस्थ, पिंगल, बभ्रु, कृष्ण, रौद्रान्तक, यम, सौरि, शनैश्चर, मंद व पिप्पलाद,एक कांसे की कटोरी में तिल का तेल भर कर उसमें अपना मुख देख कर और काले कपड़े में काले उड़द, सवा किलो अनाज, दो लड्डू, फल, काला कोयला और लोहे की कील रख कर डाकोत (शनि का दान लेने वाला) को दान कर दें। श्री हनुमान जी को चमेली के तेल का दीप जलाएं, श्री हनुमान चालीसा का पाठ करें, श्री शनिदेव का सरसों के तेल एवं काले तिल से अभिषेक करें।

काले घोड़े की नाल का छल्ला इस दिन अथवा शनिवार के दिन मध्यमा अंगुली में धारण करें। शमी वृक्ष की जड़ को विधि-विधान पूर्वक घर लेकर आयें। शनिवार के दिन श्रवण नक्षत्र में या श्री शनिदेव जी जयंती के दिन किसी योग्य विद्वान से अभिमंत्रित करवा कर काले धागे में बांधकर गले या बाजू में धारण करें। श्री शनिदेव प्रसन्न होंगे तथा शनि के कारण जितनी भी समस्यायें हैं, उनका निदान होगा। सूर्योदय से पहले पीपल की पूजा करें और पीपल के पेड़ पर तेल में लोहे की कील डालकर चढ़ाएं। रविवार को छोड़कर श्री शनिदेव जी की मूर्ति पर 43 दिन तक लगातार तेल चढांए। हर शनिवार बंदरों और कुतों को गुड़ और काले चने खिलाएं साथ ही श्री शनिदेव पर भी तेल के साथ काले तिल आर्पित करें। शनिवार को काले चमड़े के जूते, काले वस्त्र पहनें।

यह भी पढ़ें:  जानें कुत्ते से जुड़े शकुन अपशकुन

श्री शनिदेव के चमत्कारी मंत्र जिन्हें पढ़ने से हर कष्टों का अंत होता है।
(1) ॐ शन्नोदेवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये शन्योरभिस्त्रवन्तु न:।
(2) ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नम:।
(3) कोणस्थ पिंगलो बभ्रु: कृष्णो रौद्रोन्तको यम:।
सौरि: शनैश्चरो मंद: पिप्पलादेन संस्तुत:।
(4) शनि का तंत्रोक्त मंत्र- ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नम:।
किसी भी विद्वान ब्राह्मण से या स्वयं शनि के तंत्रोक्त, वैदिक मंत्रों के 23,000 जाप करें या करवाएं।

ज्योतिर्विद रत्न वास्तु दैवज्ञ
पंडित मनोज कृष्ण शास्त्री
मो. 9993874848

ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे कोलकाता हिन्दी न्यूज चैनल पेज को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। एक्स (ट्विटर) पर @hindi_kolkata नाम से सर्च करफॉलो करें।

Kolkata News Desk Avatar

Kolkata News Desk

News Editor MA

कोलकाता और पश्चिम बंगाल की ब्रेकिंग न्यूज, स्थानीय घटनाओं, खेल, राजनीति और सामाजिक मुद्दों की खबरों को कवर करता है। हमारी डेस्क टीम 24×7 सक्रिय रहकर पाठकों को ताज़ा और प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराती है।

यह भी पढ़ें:  कहीं घड़ी तो नहीं बन रही है आपके दुर्भाग्य का कारण! दूर करने के लिए आज ही करें ये महाउपाय
Areas of Expertise: Sports, Politics & West Bengal
Fact Checked & Editorial Guidelines

Our Fact Checking Process

We prioritize accuracy and integrity in our content. Here's how we maintain high standards:

  1. Expert Review: All articles are reviewed by subject matter experts.
  2. Source Validation: Information is backed by credible, up-to-date sources.
  3. Transparency: We clearly cite references and disclose potential conflicts.
Reviewed by: Subject Matter Experts

Our Review Board

Our content is carefully reviewed by experienced professionals to ensure accuracy and relevance.

  • Qualified Experts: Each article is assessed by specialists with field-specific knowledge.
  • Up-to-date Insights: We incorporate the latest research, trends, and standards.
  • Commitment to Quality: Reviewers ensure clarity, correctness, and completeness.

Look for the expert-reviewed label to read content you can trust.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

16 + 15 =