कोलकाता। कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी के बावजूद 31 जनवरी से 45वें कोलकाता अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेला के आयोजन की तैयारी कर रहे आयोजकों ने मंगलवार को कहा कि अगर इस साल भी इसे रद्द किया जाता है, तो प्रकाशकों को भूखा रहना पड़ सकता है। पिछले साल महामारी के कारण पुस्तक मेला रद्द कर दिया गया था। ‘पब्लिशर्स एंड बुक सेलर्स गिल्ड’ के अध्यक्ष त्रिदीब चटर्जी ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘हम मेला के आयोजन को लेकर आशान्वित हैं। मैं साल्ट लेक में सेंट्रल पार्क में मेला मैदान में व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहा हूं। हमने तैयारियां बंद नहीं की हैं।’’

चटर्जी ने कहा कि भीड़-भाड़ से बचने के लिए अधिक खुली जगह रखने के मद्देनजर प्रत्येक स्टॉल लगभग 35 प्रतिशत छोटा होगा। उन्होंने कहा कि मेला के दौरान राज्य सरकार के सभी दिशा-निर्देशों का पालन किया जाएगा। चटर्जी ने कहा ‘‘इस साल मेला आयोजित नहीं हुआ तो कई प्रकाशकों को भूखा रहना पड़ सकता है। हम इसे सावधानियों के साथ आयोजित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम पिछले साल इसका आयोजन नहीं कर सके, जिससे कॉलेज स्ट्रीट के प्रकाशकों को गंभीर वित्तीय दबाव का सामना करना पड़ा।’’ इस बार पुस्तक मेला का विषय बांग्लादेश होगा और इसका आयोजन 13 फरवरी तक होगा।

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