Homyopathy

‘कोरोना संक्रमण में मेडिकल और आयुष किट बन रही रामबाण’

लखनऊ। Corona in India : कोरोना की वैश्विक महामारी में संक्रमितों के उपचार में मेडिकल और आयुष किट रामबाण साबित हो रही है। एलोपैथ से लेकर आयुर्वेद, होम्योपैथ और यूनानी औषधियां होम आइसोलेट संक्रमितों को नि:शुल्क दी जा रही हैं।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से होम आइसोलेट और क्वारंटीन 90 फीसदी से अधिक संक्रमितों को मेडिकल किट दिया जा रहा है। जबकि आयुष विभाग की ओर से 13 अप्रैल से छह मई तक 25 दिनों में नौ लाख 18 हजार 577 लोगों को निशुल्क आयुष किट दी गई है।

मुख्यमंत्री योगी ने हाल ही में आयुष विभाग को निर्देशित किया था कि कोरोना संक्रमितों के उपचार के लिए नि:शुल्क मेडिकल किट के अलावा आयुष किट भी दी जाए। 13 अप्रैल से सात मई तक नौ लाख 18 हजार 577 लोगों को नि:शुल्क किट दी गई है। इसमें 75572 लोगों को आयुष किट, 58,339 लोगों को आयुष काढ़ा, सात लाख 82 हजार 793 लोगों को होम्योपैथी औषधि, 5450 लोगों को यूनानी किट और 6565 लोगों को यूनानी जोशांदा दी गई है।

अपर मुख्य सचिव आयुष प्रशांत त्रिवेदी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर विभाग की ओर से लगातार होम आइसोलेशन में रहे रहे लोगों को किट का वितरण निशुल्क किया जा रहा है, इन दवाओं के सेवन से बड़ी संख्या में लोग घर पर ही उपचार कर स्वस्थ हो रहे हैं। इसके अलावा लोगों को इम्यूनिटी बूस्ट करने के योग आदि के टिप्स भी दिए जा रहे हैं।

यह भी पढ़ें:  Travel with your family in these places

आयुष विभाग की ओर से पिछले तीन दिनों में 1,52,159 होम आइसोलेटेड और क्वारंटीन लोगों को नि:शुल्क किट दिया गया है। सात मई को 9526 लोगों को आयुर्वेदिक, 39,985 लोगों को होम्योपैथिक और 597 लोगों को यूनानी औषधियां दी गई हैं, यानि एक दिन में कुल 50,108 लोगों को निशुल्क औषधियां दी गई हैं। ऐसे ही छह मई को 47,359 और आठ मई को 54692 लोगों को औषधियां दी गई हैं।

अगर सिर्फ पिछले माह अप्रैल की बात करें, तो आयुष विभाग की ओर से सात लाख 23 हजार 190 लोगों को औषधियां दी गई हैं। इसमें 91,692 संक्रमितों को आयुर्वेदिक, 6,28,300 संक्रमितों को होम्योपैथिक और 3198 संक्रमितों को यूनानी दवाइयां दी गई हैं। महज दो दिनों तीन और चार मई को 55,579 संक्रमितों को दवाइयां दी गई हैं। इसमें 6848 आयुष किट, 7644 आयुष काढ़ा, 45904 होम्योपैथी औषधि, 959 यूनानी किट और 1820 यूनानी जोशांदा दी गई है।

आयुर्वेद सेवाएं के निदेशक प्रो. एसएन सिंह कहते हैं कि आयुष विभाग की ओर से दिए जा रहे किट संक्रमण को रोकने में सौ फीसदी कारगर हैं। ऐसा अभी तक कोई मामला संज्ञान में नहीं आया है, जिन्हें दवाएं खाने के बाद भी गंभीर स्थिति हुई हो। होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों को 10 से 15 दिनों में आराम मिल जा रहा है। इसके अलावा लोगों को योग में अनुलोम, विलोम और प्राणायम के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। किट में आयुष काढ़ा, संशमनी वटी, आयुष 64, अगस्तहरितकी और अणुतैल दिया जा रहा है।

यह भी पढ़ें:  राकू कार्यशाला : मिट्टी एक मजबूत अभिव्यंजक माध्यम है

आयुष विभाग के आयुष कवच ऐप के माध्यम से सुबह आठ बजे से योगाभ्यास और शाम पांच बजे से आयुष संवाद जल्द शुरू होने वाला है। इसमें कोरोना संक्रमण से बचाव, रोकथाम और औषधियों के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा आयुष विभाग के 20 विशेषज्ञ चिकित्सकों के पैनल से भी ऐप के माध्यम से सवाल किया जा सकता है, जिसका जवाब विशेषज्ञ चिकित्सक देंगे। आयुष ऐप को 20 लाख से ज्यादा लोगों ने डाउनलोड किया है और सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं।

Kolkata News Desk Avatar

Kolkata News Desk

News Editor MA

कोलकाता और पश्चिम बंगाल की ब्रेकिंग न्यूज, स्थानीय घटनाओं, खेल, राजनीति और सामाजिक मुद्दों की खबरों को कवर करता है। हमारी डेस्क टीम 24×7 सक्रिय रहकर पाठकों को ताज़ा और प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराती है।

Areas of Expertise: Sports, Politics & West Bengal
यह भी पढ़ें:  बंगाल में और बढ़ी ठंड, तापमान पहुंचा 20 डिग्री के नीचे
Fact Checked & Editorial Guidelines

Our Fact Checking Process

We prioritize accuracy and integrity in our content. Here's how we maintain high standards:

  1. Expert Review: All articles are reviewed by subject matter experts.
  2. Source Validation: Information is backed by credible, up-to-date sources.
  3. Transparency: We clearly cite references and disclose potential conflicts.
Reviewed by: Subject Matter Experts

Our Review Board

Our content is carefully reviewed by experienced professionals to ensure accuracy and relevance.

  • Qualified Experts: Each article is assessed by specialists with field-specific knowledge.
  • Up-to-date Insights: We incorporate the latest research, trends, and standards.
  • Commitment to Quality: Reviewers ensure clarity, correctness, and completeness.

Look for the expert-reviewed label to read content you can trust.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

four × five =