मालदा : स्वर्ण मंदिर पर हमले में चरमपंथियों से मुकबला करने वाले जांबाज का गांव में भव्य स्वागत

मालदा। सूबेदार बिनल चंद्र रॉय ने पंजाब में स्वर्ण मंदिर पर चरमपंथियों के हमले का मुकाबला किया था। सेवानिवृत्ति के बाद जब सूबेदार बिनल चंद्र राय घर लौटे तो उनका गजोल के परिवार के सदस्यों और निवासियों ने एक अनूठी पहल के साथ स्वागत किया। बिनल चंद्र रॉय उन्होंने सीआरपीएफ में 40 साल तक सेवा की। आज सुबह 9 बजे गजोल पहुंचे तो परिवार के लोगों ने उन्हें माला पहनाकर, स्वागत गान गाकर उनका स्वागत किया।

गजोलवासियो भी पीछे नहीं रहे। परिवार में उनकी पत्नी लिली रॉय सहित पांच सदस्य हैं जो पेशे से आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हैं। बड़ा बेटा प्रतीक रॉय पेशे से शिक्षक है और छोटा बेटा प्रलोय रॉय डब्ल्यूबीसीएस की तैयारी कर रहा है। घर में दादी काया चक्रवर्ती और चार साल का पोता प्रयास रॉय है।

सूबेदार बिनाल चंद्र राय को आदिवासी नृत्य के माध्यम से कथा यात्रा कर गजोल के विभिन्न क्षेत्रों से रैली निकालकर घर ले जाया गया। निर्मल योग संघ के गुरु निर्मल कुमार साहा, जो एक सेवानिवृत्त पूर्व सैनिक भी हैं, ने भी बिनल बाबू को सम्मानित किया।