प्रतीकात्मक फोटो, साभार : गूगल

कोलकाता : महानगर में कोरोना के बढ़ते मामले के बीच लोगों की परेशानी भी बढ़ती जा रही है। लॉकडाउन की वजह से लोगों को इलाज के लिये दर-दर भटकना पड़ रहा है। इस बीच कोलकाता में लॉकडाउन के चलते एक गर्भवती महिला को सरकारी अस्पताल ने तीन बार भर्ती करने से इनकार कर दिया।

इसके बाद महिला ने साउथ कोलोकाता के गरियाहाट में ऑटोरिक्शा के अंदर एक बच्चे को जन्म दिया। लॉकडाउन में बीच रास्ते में फंसी मां और नवजात को बाद में पुलिस ने एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। 30 वर्षीया श्रावणी सरदार को मंगलवार पेट में दर्द हुआ। उनके पति प्रीतम उन्हें लेकर सरकारी अस्पताल पहुंचे लेकिन अस्पताल ने उन्हें भर्ती करने से इनकार कर दिया। डॉक्टरों ने उन्हें कुछ दवाएं देकर वापस कर दिया।

रात में दर्द होने के बाद प्रीतम श्रावणी को लेकर फिर से अस्पताल पहुंचे। अस्पताल से उन्हें फिर वापस कर दिया गया। पूरी रात दर्द में काटने के बाद श्रावणी को वह बुधवार सुबह लगभग पांच बजे लेकर एक बार फिर अस्पताल पहुंचे कुछ इंजेक्शन लगाकर उन्हें तीसरी बार अस्पताल से वापस कर दिया गया। तीसरी बार अस्पताल से लौटते समय रास्ते में सरबनी को और तेज दर्द हुआ और ऑटोरिक्शा में ही उसने बच्चे को जन्म दे दिया।

पास में मौजूद पुलिस की मदद से घरवाले उसे नजदीकी नर्सिंग होम पहुंचे, जहां मां और बेटा दोनों स्वस्थ्य हैं। सरकारी अस्पताल के अधिकारियों ने कहा कि हम लोग कोरोना के मरीजों के इलाज में व्यस्त हैं और दूसरे मरीजों को भर्ती करके अस्पताल में काम का बोझ नहीं बढ़ाना चाहते हैं।

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