High Court

BSF का अधिकार क्षेत्र बढ़ाने के मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से तलब किया हलफनामा

कोलकाता : केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 11 अक्टूबर को एक अधिसूचना जारी की थी, जिसमें पंजाब, पश्चिम बंगाल और असम में, बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र को 15 किलोमीटर से बढ़ाकर 50 किलोमीटर कर दिया गया था। बंगाल और पंजाब सरकार इसका विरोध कर रही है। सीमा सुरक्षा बल यानी बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र को बढ़ाए जाने को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार सरकार से हलफनामा तलब किया है। केंद्र सरकार ने बीएसएफ को असम, पश्चिम बंगाल और पंजाब में अंतरराष्ट्रीय सीमा से पहले के 15 किलोमीटर की तुलना में 50 किलोमीटर के बड़े हिस्से में तलाशी, जब्ती और गिरफ्तारी का अधिकार दिया था। इसके खिलाफ कलकत्ता हाईकोर्ट में मामला दायर किया गया था। इस मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश प्रकाश श्रीवास्तव की खंडपीठ ने बीएसएफ मामले में केंद्र सरकार से हलफनामा मांगा है।

उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र को 15 किमी से बढ़ाकर 50 किलोमीटर करने के केंद्र के फैसले का विरोध कर रही हैं। ममता बनर्जी ने हाल ही में बांग्लादेश से सटे राज्य के कुछ जिलों के पुलिस अधिकारियों को बीएसएफ कर्मियों के बिना अनुमति गांवों में प्रवेश पर रोक लगाने के लिए कहा है, जबकि पंजाब की चरणजीत सिंह चन्नी सरकार ने केंद्र के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।

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सुनवाई के दौरान कहा गया है कि अधिनियम 139 के अनुसार बीएसएफ की सीमा निर्धारित की है। फिर सीमाओं की अपनी व्याख्या क्यों हो रही है। आज यह 15 से 50 किलोमीटर हो गया है। मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि कल यह पूरा देश हो सकता है। वकील सायन बनर्जी ने कहा कि संघीय राज्य की संरचना नष्ट हो जाएगी। न्यायाधीश ने जानना चाहा कि और किन राज्यों में इस तरह के मामले दर्ज किए गए हैं। राज्य की ओर से एडवोकेट जनरल ने कहा कि ऐसा ही एक मामला पंजाब में भी दर्ज किया गया है।

मुख्य न्यायाधीश ने पूछा कि केंद्र सरकार ने क्या कार्रवाई की है? केंद्र के वकील वाई ये दस्तूर ने कहा कि अन्य राज्यों में इसे और भी बढ़ा दिया है। यह राजस्थान, जम्मू और कश्मीर में 80 किमी है। हम हलफनामे में इनका जिक्र करना चाहते हैं। राज्य को यह बताने के लिए भी कहा गया है कि क्या उसने सुप्रीम कोर्ट में ऐसा कोई मामला दायर किया है। मामले की अगली सुनवाई 22 फरवरी को होगी।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस संदर्भ में 11 अक्टूबर को एक अधिसूचना जारी की थी, जिसमें जुलाई, 2014 के प्रावधान में संशोधन किया गया था। केंद्र ने पंजाब, पश्चिम बंगाल और असम में, बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र को 15 किलोमीटर से बढ़ाकर 50 किलोमीटर कर दिया गया था, जबकि पाकिस्तान के साथ सीमा साझा करने वाले गुजरात में बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र के दायरे को 80 किलोमीटर से घटाकर 50 किलोमीटर किया गया था जबकि राजस्थान में इसमें कोई बदलाव किए बिना इसे 50 किलोमीटर ही रखा गया है, इस मुद्दे को लेकर विवाद खड़ा हो गया क्योंकि विपक्ष शासित पंजाब और पश्चिम बंगाल ने इस कदम की निंदा की और संबंधित राज्य विधानसभाओं ने केंद्र सरकार के इस फैसले के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया।

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