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अमिताभ अमित की कलम से : किस्से चाचा भतीजा के

अमिताभ अमित, पटना। चाचा-भतीजे के बीच के प्यार के किस्से भी मशहूर और तकरार के भी! पचासों साल पहले धर्मेंद्र और रणधीर कपूर की एक फ़िल्म आई थी – चाचा भतीजा! कहानी तो कायदे से याद नही मुझे, पर चाचा और भतीजे मे आपसी नोकझोंक और प्यार का रिश्ता था और शायद उन दोनो ने मिलकर फिल्म के विलेन की पिटाई भी की थी! पर जैसा कि हम जानते हैं, फ़िल्में होती हैं आधा फसाना! हकीकत यह कि बचपन मे भतीजा पिटता है और बुढ़ापे मे चाचा पीटा जाता है!

जैसा कि हर बूढ़ा आदमी कहता है कि अब जमाना खराब हो चला है, सच्ची बात तो ये कि चाचा-भतीजे के बारे मे जमाना हमेशा से खराब रहा है! सन बारह सौ से तेरह सौ के आसपास हिंदुस्तान पर राज कर चुके ख़िलजी चाचा भतीजे का किस्सा तो खूब जानते होंगे आप! चाचा थे जलालुद्दीन ख़िलजी और भतीजा था अलाउद्दीन ख़िलजी! दुनिया के चलन के हिसाब से इन चाचा-भतीजे मे भी बड़ा प्यार था! फिर वक्त और हालात बदले! अनबन हुई दोनो मे! फिर भतीजे ने सुलह की पेशकश की! चाचा से मिलने आया भतीजा, चाचा के पावों पर गिरा! माफी मांगी! चाचा ने पेशानी चूमी भतीजे की, गले से लगाया और इसी दौरान भतीजे का खंजर चाचा की पीठ मे जा घुसा! इस तरह ख़िलजी वंश के संस्थापक चाचा जन्नत नशीन हुए और भतीजे की ताजपोशी हुई!

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तारीख गवाह है इस बात की, कि जवान हो चुके भतीजे हमेशा उतारू रहते है चाचा को पीटने के लिए! मौका तलाशते हैं इसके और जब भी ऐसा होता है चाचा अपनी जमीन-जायदाद से बेदख़ल कर दिया जाता है!
ऐसा होता क्यों है?
दरअसल भतीजा, चाचा के नाक-नक्श और अकल लिए पैदा होता है! चाचा को मजे करते देख बड़ा होता है! चाचा हीरो होता है उसका! चाचा जैसा बनना चाहता है वो भी! चाचा की कटोरी की ही रसमलाई चखना चाहता है, पर एक म्यान मे दो तलवारें कैसे रहें?

भतीजे के बडे होने और चाचा के बूढ़े होने वाली कार्यवाही एक साथ होती है! ऐसे मे जब भी भतीजा थोड़ा ज़्यादा बड़ा हो जाता है वो बूढ़े हो चुके चाचा को पटक लेता है! ऐसे मे बूढ़े लोग चाचा पर तरस खाते है और जवान पीढ़ी, भतीजे को शाबाशी देते हुए उसे सही ठहराती है!!

हर भतीजा, अपने चाचा की उँगली पकड़ कर चलना सीखता है! कंधे से होता हुआ उसके सर पर सवार होता है और वक्त जरूरत उसे टंगड़ी मार कर गिरा भी देता है! क्या किया जाए ऐसे में?
कुछ भी नही! बाप-बेटे जैसा ही रिश्ता है ये! चाचा-भतीजे मे निभे न निभे, उनका एक दूसरे के बिना गुज़ारा मुमकिन नही! सच्ची बात यह कि भतीजे को बिगाड़ा ही चाचा ने होता है! ऐसे मे हर चाचा को मान कर चलना चाहिए कि वो भी कभी भतीजा था! उसके अपने चाचा ने भी बर्दाश्त किया ही था उसे और अब चाचा होने की बारी उसकी है!!

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अमिताभ अमित – Mango People

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