मुकुल के पीएसी कमेटी का अध्यक्ष बनने पर दिलीप घोष बोले- ‘यह सरकार के घोटालों को दबाने का एक उपाय’

कोलकाता: पहले से ही अटकलें लगाई जा रही थी कि मुकुल राय को ही पीएसी कमेटी का अध्यक्ष बनाया जाएगा। इसी कड़ी में बीते कल जब विधानसभा के अध्यक्ष विमान बनर्जी ने मुकुल राय के नाम की ही घोषणा की तो बीजेपी आगबबूला हो गई‌। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष में इस मुद्दे को लेकर मुंह खोला। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वयं विपक्ष की भी भूमिका निभाना चाहती है। उन्होंने कहा कि यह सभी घोटालों को दबाने का एक उपाय है।

शनिवार सुबह मीडिया से बात करते हुए प्रदेश भाजपा दिलीप घोष ने कहा कि राज्य सरकार सब कुछ अपने हाथ में ही रखना चाहती है। राज्य सरकार ऐसी व्यवस्था करना चाहती है कि कोई जरा भी सवाल ना उठा सके।

तृणमूल कांग्रेस राज्य सरकार और विपक्ष दोनों की भूमिका निभाना चाहती है। यह सरकार की बदनामी को सामने आने से रोकने के लिए एक उपाय है। अध्यक्ष पद के लिए मुकुल के नाम की घोषणा के संबंध में दिलीप ने कहा कि हमारे द्वारा भेजे गए नाम से यह नहीं है। सरकार हमारा सहयोग नहीं चाहती। हम विपक्ष की भूमिका बखूबी निभाएंगे।

गौरतलब हो कि बीते कल सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए विधानसभा अध्यक्ष विमान बनर्जी ने विधानसभा के पीएसी कमेटी के अध्यक्ष के रूप में मुकुल राय के नाम की घोषणा की। मुकुल के नाम की घोषणा होते ही भाजपा विधायकों का गुस्सा फूट पड़ा। यह पहले से ही स्पष्ट था कि अगर मुकुल के नाम की भोसड़ा होती है तो बीजेपी इसका विरोध करेगी।

विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने घोषणा के बाद सत्ताधारी पार्टी पर सीधा हमला किया। बताओ को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष ने अपनी शक्ति के कारण नियमों को तोड़ा है। बीजेपी विधानसभा की कोई कमेटी में शामिल नहीं हो रही है।

उन्होंने कहा कि जिस प्रकार सरकार को खर्च करने का अधिकार है वैसे ही विपक्ष को भी खर्च की जांच करने का अधिकार है। ऐसे में विपक्ष सभी कमेटियों का बहिष्कार करेगी। लोकतंत्र में ऐसा पहली बार हो रहा है जब विपक्ष को पीएसी कमेटी का अध्यक्ष नहीं बनाया जा रहा है।

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