कोलकाता। गुरुवार देर रात तक अधिवक्ता राजीव कुमार के ठिकानों पर पश्चिम बंगाल की पुलिस ने छापेमारी की। पुलिस ने रात एक बजे तक राजीव कुमार के तीन ठिकानों पर छापेमारी की गई। इस दौरान पुलिस के हाथ तीन डायरी लगी है। बताया जा रहा है कि जिसमें नकद लेनदेन का विवरण दिया गया है। इसके अलावा चैट और डिजिटल सबूत भी बताते हैं कि पीआईएल करने वालों के साथ पैसे के बारे में चर्चा हुई थी। पुलिस को कई संपत्तियों के डीड भी मिले हैं, जिसमें रांची में 7 फार्म हाउस, उनके 3 मंजिला घर के अलावा 16 फ्लैट, नोएडा में फ्लैट और ग्रेटर में कार्यालय शामिल हैं। बंगाल पुलिस के डिटेक्टिव डिपार्टमेंट के इंस्पेक्टर सैकत चंदा के नेतृत्व में 10 सदस्यीय टीम ने अधिवक्ता राजीव कुमार के घर और राइस मिल समेत तीन ठिकाने पर छापामारी की।

रात के एक बजे तक छापेमारी करने के बाद पुलिस की टीम राजीव कुमार के घर से बाहर निकली। बंगाल पुलिस के डिटेक्टिव डिपार्टमेंट को जांच के दौरान कई दस्तावेज हाथ लगे हैं। गौरतलब है कि झारखंड हाई कोर्ट के अधिवक्ता राजीव कुमार को बंगाल पुलिस ने 50  लाख रुपए के साथ 31 जुलाई को कोलकाता से गिरफ्तार किया था। राजीव कुमार पर यह आरोप है कि उन्होंने एक जनहित याचिका को मैनेज करने के लिए कारोबारी  अमित अग्रवाल से दस करोड़ रुपए की मांग की थी।

गौरतलब है कि बंगाल के आपराधिक जांच विभाग ने कोलकाता के एक शेयर ब्रोकर के कार्यालय पर छापा मारा, जिसने सीआईडी के अनुसार झारखंड के तीन कांग्रेस विधायकों को नकद राशि दी थी। मध्य कोलकाता के लाल बाजार स्ट्रीट स्थित बीकानेर बिल्डिंग स्थित आरोपी महेंद्र अग्रवाल के कार्यालय पर छापेमारी की गई, जिसमें 250 चांदी के सिक्के और 3,31,000 रुपये नकद बरामद किए गए। दो घंटे तक चली छापेमारी के बाद कार्यालय को सील कर दिया गया। सीआईडी ने कुछ सीसीटीवी फुटेज भी हासिल किए हैं, जिससे पता चलता है कि कांग्रेस के तीन विधायकों ने अग्रवाल से 48 लाख रुपये से अधिक प्राप्त किए।

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