कोलकाता। पश्चिम बंगाल से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां के पुरुषों को बच्चे पैदा करने में कठिनाईयां आ रही है यानि की पुरुषों में बांझपन हो रहा है। राज्य के 86 प्रतिशत पुरुषों पर बाप नहीं बनने का खतरा मंडरा रहा है। उनके स्पर्म की सेहत ठीक नहीं है। पुरुषों का हेल्दी स्पर्म नहीं होने की वजह से फिमेल एग को फर्टिलाइज करने की संभावना घट रही है, जिससे महिलाएं गर्भवती नहीं हो पा रही है। स्पर्म की सेहत ठीक नहीं होने की वजह से खानपीन, तनाव और खराब दिनचर्या बताई जा रही है।

रिपोर्ट में सामने आया है कि पश्चिम बंगाल में 86 प्रतिशत पुरुषों में बांझपन की समस्या सामने आ रही है। लोग बच्चे पैदा करने के लिए ईवीएफ (in-vitro fertilisation) जैसी सहायक सुविधा की मांग कर रहे हैं। साल 2022 के जनवरी से लेकर अक्टूबर तक  2179 जोड़े ने आईवीएफ ट्रिटमेंट की मांग की। इनमें से 61 प्रतिशत जोड़े ऐसे थे, जिन्हें पुरुष के स्पर्म स्वस्थ नहीं होने के चलते बच्चा नहीं हो रहा था।

जब इन पर सर्वे किया गया तो सामने आया कि खराब जीवनशैली, तनाव, देर से शादी, काम की व्यस्तता और खराब भोजन मर्दों में बांझपन बढ़ा रहा है। इंदिरा आईवीएफ के सह-संस्थापक और प्रबंध निदेशक नितिज मुर्डिया ने बताया कि पश्चिम बंगाल में पुरुषों की एक बहुत बड़ी संख्या शुक्राणु असामान्यता निर्धारित करने वाले तीन मापदंडों में से एक से पीड़ित है। ये मापदंड शुक्राणुओं की संख्या, गतिशीलता और आकृति हैं। पहले महिलाओं बांझपन का टेस्ट करवाती थीं लेकिन अब पुरुष भी बांझपन का टेस्ट करवाते हैं।

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