JAL GAPPI

डेंगू से बचाव के लिए जलपाईगुड़ी सदर ब्लॉक में 73 हजार गाप्पी मछलियां वितरित की गईं

जलपाईगुड़ी। राज्य के अन्य जिलों की तरह जलपाईगुड़ी जिले में भी डेंगू के मामलों की संख्या बढ़ रही है। हालांकि पिछली बार की तुलना में इस बार डेंगू के मामलों की संख्या नियंत्रण में है, ऐसा स्वास्थ्य विभाग का दावा है। शहर के अलावा गांवों में डेंगू फैलने से रोकने के लिए मत्स्य विभाग ने जलपाईगुड़ी सदर ब्लॉक में 73 हजार गाप्पी मछलियां वितरित की हैं।

ब्लॉक मत्स्य अधिकारी ने शुक्रवार को जलपाईगुड़ी बीडीओ कार्यालय से इन मछली के बच्चों को गांव के संसाधन व्यक्तियों को सौंप दिया। गाप्पी मछलिओं को गांव गांव के जलाशयों में छोड़ा गया है। मत्स्य पालन अधिकारी कौशिक माइति ने कहा कि गाप्पी मछली मच्छरों के लार्वा को खाकर डेंगू को नियंत्रित करती है। हमने गांव के संसाधन व्यक्तियों के माध्यम से जलपाईगुड़ी सदर ब्लॉक में आज 73 हजार गाप्पी मछली वितरित की।

ग्राम संसाधन व्यक्ति सुमित्रा रॉय ने कहा कि हमें आज गाप्पी मछली मिली है। हम इन मछलियों को उन जलाशयों में छोड़ेंगे जो हमारे लिए निर्दिष्ट किए गए हैं। जिले के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. असीम हालदार ने कहा कि पिछली बार की तुलना में इस बार डेंगू नियंत्रण में है। जनवरी से 27 जुलाई तक जिले में डेंगू के कुल मामलों की संख्या 52 है। फिलहाल 3 एक्टिव केस हैं। कोई मृत्यु नहीं है।

डेंगू से निजात पाने के लिए आम नागरिकों को भी रहना होगा जागरूक – जयंत साहा

सिलीगुड़ी। डेंगू से निजात पाने के लिए सिर्फ जन प्रतिनिधियों और समाचार माध्यमों से ही नहीं बल्कि आम लोगों को भी जागरूक और सक्रिय होने की जरूरत है। वृक्षारोपण एवं नेत्र परीक्षण शिविर में पहूँचकर बोरो चेयरमैन लाइन्स जयंत साहा ने ऐसा कहा। लायंस क्लब ऑफ सिलीगुड़ी और 25 नंबर वार्ड कमेटी ने आज वृक्षारोपण के अलावा कई कार्यक्रम आयोजित किए हैं। लायंस क्लब ऑफ सिलीगुड़ी के 112 सदस्यों के नाम पर 112 बकुल के पेड़ लगाए गए। जलपाई मोड़ के पास पीएनटी आवास से वृक्षारोपण शुरू हुआ और सिद्धेश्वरी कालीबाड़ी में समाप्त हुआ।

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यहां स्थित वार्ड नंबर 25 के फणींद्र भूषण विद्यापीठ के बच्चों की आंखों और दांतों की जांच की गई है। सिलीगुड़ी लायंस क्लब के एक समर्पित सदस्य और बोरो नंबर 4 के अध्यक्ष जयंत साहा ने एक बयान में कहा कि कुछ दिनों से बच्चे वायरस के कारण आंखों में संक्रमण से पीड़ित थे। अपने जिले में डेंगू जागरूकता के अलावा, बच्चों के नेत्र परीक्षण शिविर लगाया जा रहा है।

आज डेंगू के बारे में पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में जयंत साहा ने कहा, अगर जन प्रतिनिधि नहीं होंगे तो यह शुरू नहीं होगा और मीडिया प्रतिनिधि इसे बढ़ावा देते हैं। इसके लिए हम चाहते हैं कि जिले के निवासियों और शहर के नागरिकों भी डेंगू के लिए सभी स्थानों को साफ रखने में रुचि दिखाये।

मालदा में जनवरी से जुलाई तक जिले में करीब 74 लोग डेंगू से संक्रमित, जिला स्वास्थ्य विभाग हुआ तत्पर

मालदा।  मालदा में डेंगू का कहर जारी है। जिले में जनवरी से जुलाई तक 74 लोग डेंगू से संक्रमित हो चुके हैं। जो जिला स्वास्थ्य विभाग के लिए काफी चिंता का कारण बन गया है। डेंगू से बचाव के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने हर बुधवार को जमा पानी को निकालने का बीड़ा उठाया है। जिला स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जनवरी से जुलाई तक जिले में करीब 74 लोग डेंगू से संक्रमित हो चुके हैं। इसके अलावा हर सप्ताह दो मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है, हालांकि मालदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में फिलहाल डेंगू से पीड़ित एक मरीज का इलाज चल रहा है।

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मालदा के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी सुदीप्त भादुड़ी ने कहा, बारिश कम होने के कारण डेंगू का प्रसार बहुत कम है। जिला मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी सुदीप्त भादुड़ी ने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस साल हमारे जिले में डेंगू का संक्रमण काफी कम है। इनमें हर सप्ताह एक से दो डेंगू के मामले सामने आ रहे हैं। मालदा जिले में फिलहाल बारिश बहुत कम है लेकिन हमें मानसून के मौसम में विशेष नजर रखनी होगी। इसकी जानकारी प्रखंड स्वास्थ्य अस्पतालों को भी है। मालदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल के एमएसवीपी पुरंजय शाहा ने कहा कि फिलहाल डेंगू के एक मरीज को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उसका इलाज जारी है और हमारे डॉक्टर अलर्ट पर हैं।

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