दलित महिला की आत्महत्या के मामले में व्यक्ति को पांच साल सश्रम कारावास

प्रतीकात्मक फोटो, साभार : गूगल

बीरभूम : बंगाल में करीब तीन साल पहले एक दलित महिला की आत्महत्या के मामले में बीरभूम जिले की एक अदालत ने एक व्यक्ति को आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी पाया और उसे पांच साल ‘सश्रम कारावास’ की सजा सुनाई है।
महिला कॉलेज में द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। उसने 2017 में नौ दिसंबर को रजतपुर स्थित अपने घर में आग लगा ली थी।

बोलपुर पुलिस थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार शेख हफीजुल नाम के मिस्त्री ने महिला का यौन उत्पीड़न और ब्लैकमेल किया था। झुलसने के तीसरे दिन कोलकाता के अस्पताल में महिला की मौत हो गई थी। अभियोजन पक्ष के वकील तपन दास ने अदालत के समक्ष कहा कि मिस्त्री महिला के घर काम करता था और उसने नहाते समय उसकी तस्वीर ले ली और उसे ब्लैकमेल करने लगा।

अदालत ने व्यक्ति को आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी पाया और उसे पांच साल ‘सश्रम कारावास’ की सजा सुनाई। व्यक्ति पर 1,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। महिला के परिवार की ओर से मामले को देख रहे वकील ने कहा कि वह उच्च न्यायालय में एक अपील दायर करेंगे क्योंकि व्यक्ति दुष्कर्म का दोषी नहीं करार दिया गया है।

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