ऑनलाइन की सुविधाओं से 26वां हिंदी मेला जुड़ा देश-विदेश के युवाओं से

कोलकाता 17 दिसंबर : सप्ताह व्यापी 26वां हिंदी मेला 26 दिसंबर से 1 जनवरी 2021 तक चलेगा। कोरोना संकट के दौरान मेला ऑनलाइन हो रहा है और यह महामारी के दौर में सांस्कृतिक ऊर्जा का संचार करेगा। नई तकनीक की सुविधाओं के कारण इस बार उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, गुजरात के भी विद्यार्थी बड़े पैमाने पर लघु नाटक, काव्य आवृत्ति, काव्य संगीत, भाव नृत्य, लोकगीत, कविता पोस्टर, पैनल डिस्कशन, मल्टीमीडिया काव्य प्रस्तुति, रचनात्मक लेखन तथा अन्य प्रतियोगिताओं में भाग ले रहे हैं।

सांस्कृतिक पुनर्निर्माण मिशन के संयुक्त महासचिव प्रो संजय जायसवाल ने भारतीय भाषा परिषद में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि 26वां हिंदी मेला का साहित्यिक फोकस हिंदी कथाकार फणीश्वरनाथ रेणु है। उनकी जन्मशती के अवसर पर ‘सांस्कृतिक महामारी और रेणु’ पर एक संगोष्ठी आयोजित है, जिसमें देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के अलावा नीदरलैंड, मॉरीशस, श्रीलंका आदि देशों के विद्वान भी भाग ले रहे हैं। वर्तमान समय की प्रमुख रचनाकारों का ‘आज के विमर्श और मेरा लेखन’ पर साक्षात्कार भी एक प्रमुख आकर्षण है।
इस वर्ष हिंदी मेला यूको बैंक की प्रेरणाशक्ति से आयोजित हो रहा है। विजयी प्रतिभागियों को 2 लाख से अधिक के पुरस्कार, उपहार और स्मृति चिन्ह प्रदान किए जाएंगे।

26वां हिंदी मेला में वरिष्ठ पत्रकार रावेल पुष्प को ‘युगल किशोर सुकुल पत्रकारिता सम्मान’ तथा पटना के प्रसिद्ध रंगकर्मी अनीश अंकुर को ‘माधव शुक्ल नाट्य सम्मान’ प्रदान किया जाएगा। आज के प्रेस कांफ्रेंस में मिशन के अध्यक्ष डॉ शम्भुनाथ के अलावा डॉ अनिता राय, प्रो संजय जायसवाल, नागेंद्र पंडित, बिकास जायसवाल, सुशील पांडेय, मधु सिंह, रूपेश यादव उपस्थित थे। कोलकाता में पिछले 26 सालों से आयोजित हो रहा हिंदी मेला पश्चिम बंगाल के अलावा हिंदी प्रदेशों के लिए एक आकर्षण बन चुका है।

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