कोलकाता। पश्चिम बंगाल बोर्ड की परीक्षाएं (West Bengal Board Exam) आज से शुरू हो गई हैं। पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं के दिन राज्य के कुछ हिस्सों में इंटरनेट सेवा पर अस्थाई रूप से पाबंदी लगाई है। एक अधिकारी ने रविवार को कहा था कि बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने के मकसद से ऐसा किया जा रहा है। पश्चिम बंगाल उच्चतर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (WBBSE) के एक अधिकारी ने रविवार को बताया कि माल्दा और मुर्शिदाबाद सहित विभिन्न जिलों में परीक्षाएं शुरू होने से एक घंटे के भीतर 2019 और 2020 में सोशल मीडिया मंचों पर प्रश्नपत्र लीक होने की पृष्ठभूमि में ऐसा किया जा रहा है।

बोर्ड यह परीक्षा आयोजित करता है, लेकिन कोविड के कारण पिछले साल परीक्षा नहीं आयोजित की गई थी। एक अधिसूचना में कहा गया है कि खुफिया विभाग से सूचना मिली है कि अगले कुछ दिनों में गैरकानूनी गतिविधि (परीक्षा से जुड़े) के लिए इंटरनेट का दुरुपयोग किया जा सकता है। अधिसूचना में हालांकि उन क्षेत्रों के नाम नहीं बताए गए हैं जहां यह प्रतिबंध लागू होगा। इंटरनेट के माध्यम से टेक्स्ट, तस्वीरें और वीडियो भेजने पर रोक लगायी गई है।

यह पाबंदी सात, आठ, नौ, 11, 12, 14, 15 और 16 मार्च को सुबह 11 बजे से दोपहर सवा तीन बजे (3:15) तक लागू रहेगी। राज्य में 10वीं की बोर्ड परीक्षाएं इन्हीं तारीखों पर होनी हैं। अधिकारी ने कहा कि जरूरत के हिसाब से फैसला किया जाएगा। हालांकि, फोन कॉल और एसएमएस सेवाओं पर रोक नहीं लगाई जाएगी। एक सूत्र के अनुसार, परीक्षा के दिनों में, पहले भी इंटरनेट सेवाओं को स्थगित कर दिया गया था, लेकिन इसकी घोषणा नहीं की गई थी।

बोर्ड के अध्यक्ष कल्याणमय गांगुली ने कहा, “इस फैसले में बोर्ड की कोई भूमिका नहीं है। यह विशुद्ध रूप से राज्य सचिवालय द्वारा लिया गया एक प्रशासनिक फैसला है। हालांकि, गांगुली ने कहा कि 2019 और 2020 माध्यमिक परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक नहीं हुए थे क्योंकि ‘लीक’ हुए पर्चे और वास्तविक परीक्षा प्रश्नपत्र अलग-अलग थे। उन्होंने कहा, ”यह किसी की बदमाशी थी, लेकिन वह परीक्षा प्रक्रिया को बाधित करने में असफल रही। हम सभी से अनुरोध करते हैं कि भविष्य में ऐसी किसी भी गतिविधि की सूचना हमें दें।”

राज्य में परीक्षाओं के दौरान छात्रों को गलत तरीकों का उपयोग करने से रोकने के लिए अन्य कदम भी उठाए गए हैं। बोर्ड द्वारा परीक्षा के संबंध में जारी ताजा दिशा-निर्देशों के अनुसार, परीक्षार्थी शुरुआत के सवा घंटे में शौचालय नहीं जा सकता है, इससे पहले परीक्षार्थियों को 45 मिनट के बाद कक्षा से बाहर जाने की अनुमति थी। आरोप लग रहे थे कि छात्र शौचालयों में किताबें छुपा रहे हैं। कई परीक्षा केन्द्रों पर निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। गांगुली ने बताया कि परीक्षा में नकल रोकने के लिए ये कदम उठाए गए हैं। राज्य में 10वीं की परीक्षा के लिए करीब 6,21,931 छात्राओं और 4,96,890 छात्रों ने पंजीकरण कराया है।

Shrestha Sharad Samman Awards

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

18 − one =