कोलकाता। पश्चिम बंगाल में होने वाले अगले विधानसभा चुनाव के पहले सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस यहां अपनी सांगठनिक ताकत और बढ़ाने की कोशिश में जुट गई है। सूत्रों की माने तो सांसद व पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व में अगले वर्ष फरवरी में फिर ‘नबो जोआर’ अभियान शुरू किया जा सकता है।
नबो जोआर के दूसरे चरण के तहत अभिषेक बनर्जी फिर राज्य के अलग-अलग जिलों का सफर शुरू करेंगे और वहां लोगों की समस्याओं को जानने के साथ ही सांगठनिक विस्तार के कार्य पर जोर देंगे।
पिछले साल 25 अप्रैल से 16 जून तक चले नबो जोआर के पहले चरण में तृणमूल नेता बनर्जी को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था।
उस अभियान में पार्टी के कई जिलों में संगठनात्मक डैमेज कंट्रोल किया गया, जिसका अगले चुनाव (लोकसभा चुनाव) में राज्य में पार्टी को सकारात्मक असर भी मिला।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल सरकार के विकास कार्यों का प्रचार व कुछ केंद्रीय योजनाओं में राज्य को फंड भुगतान की मांग पर अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व में अगला अभियान चलाये जाने की बात है।
सूत्रों के अनुसार, नवंबर से जनवरी यानी तीन महीनों के अंतराल में बनर्जी संगठन के विभिन्न स्तरों पर बदलाव कर सकते हैं। उक्त विषय को लेकर वह संबंधित जिले के नेताओं की राय भी लेंगे। जमीनी स्तर पर सक्रिय नहीं रहने वाले नेताओं को पद से हटाया भी जा सकता है।
ऐसा संकेत तृणमूल सांसद ने 21 जुलाई को महानगर में पार्टी की शहीद दिवस की रैली में ही दे दिया था। छात्र, युवा संगठनों सहित कुछ शाखा संगठनों के कार्यों का मूल्यांकन भी शुरू हो गया है।
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