कोलकाता : पश्चिम बंगाल के राज्यपाल और ममता बनर्जी सरकार के बीच टकराव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। अब विधानसभा में हंगामे को लेकर राज्यपाल और विधानसभा के स्पीकर बिमान बनर्जी आमने-सामने हैं। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ और ममता सरकार के बीच एक बार फिर टकराव शुरू होता दिख रहा है। राज्यपाल ने विधानसभा में अभिभाषण के दौरान हुए हंगामे को लेकर विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी को तलब किया है। राज्यपाल ने तीन दिनों के अंदर विधानसभा अध्यक्ष को राजभवन आकर विधानसभा में हुए हंगामे के कारणों की जानकारी देने के लिए कहा था, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने सदन में हुए हंगामे को लेकर राज्यपाल से मिलने से इनकार कर दिया है। बिमान बनर्जी ने कहा कि वह विधायी कार्यक्रमों के चलते राज्यपाल से मुलाकात नहीं कर पाएंगे। बिमान बनर्जी ने कहा कि उन्होंने राज्यपाल को सूचित कर दिया है कि वो ‘फिलहाल उनसे नहीं मिल पाएंगे’ क्योंकि एक तो सदन का सत्र चल रहा है वहीं उनके पास पहले से अन्य निर्धारित कार्यक्रम भी हैं।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधान सभा के बजट सत्र का पहला दिन हंगामेदार रहने के कारण जगदीप धनखड़ को अपने संबोधन में कटौती को मजबूर होना पड़ा था। उन्होंने इस सिलसिले में विधानसभा अध्यक्ष से मिलने का अनुरोध किया था। सत्र के पहले दिन बीजेपी के सदस्यों ने हाल में हुए नगरपालिका चुनाव में कथित हिंसा को लेकर विरोध जताते हुए हंगामा किया था। इसे लेकर राज्यपाल भाषण नहीं पढ़ पाए थे। दरअसल सोमवार को विधानसभा में जब राज्यपाल पहुंचे थे तब उनके अभिभाषण से पहले बीजेपी विधायकों ने जबरदस्त हंगामा किया था, जिसकी वजह से वह वापस आना चाहते थे, आरोप है कि ममता बनर्जी के इशारे पर तृणमूल कांग्रेस के विधायकों ने उन्हें घेर कर मौखिक और शारीरिक तौर पर बाधा दिया था।

इसी बारे में राज्यपाल ने विधानसभा अध्यक्ष विमान बनर्जी को पत्र लिखकर तीन दिनों के अंदर राजभवन में आने को कहा है। इसकी प्रति भी उन्होंने ट्विटर पर डाली है जिसमें देखा जा सकता है कि विधानसभा में उन्हें बाधा देने की घटना में बात करने के लिए उन्होंने अध्यक्ष को बुलाया है। अपने पत्र में उन्होंने कहा, ‘कैसी विडंबना है कि सदन में विपक्षी सदस्यों द्वारा किए जा रहे हंगामे को और बढ़ाने में सत्ता पक्ष भी शामिल रहा जबकि सत्ता पक्ष राज्यपाल के अभिभाषण में प्रमुख भागीदार होता है।’ राज्यपाल ने ट्वीट कर कहा कि उन्होंने सदन में हुए जबरदस्त हंगामे को लेकर बंगाल विधानसभा अध्यक्ष से अगले तीन दिन में बैठक करने का अनुरोध किया है।

इसके पहले सोमवार शाम के समय भी उन्होंने ट्वीट कर तृणमूल कांग्रेस की महिला विधायकों पर इशारे-इशारे में उन्हें बाधा देने का आरोप लगाया था। नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने भी दावा किया था कि ममता बनर्जी के इशारे पर तृणमूल की महिला विधायकों ने जगदीप धनखड़ को शारीरिक तौर पर प्रताड़ित किया है। इस बीच तृणमूल कांग्रेस सांसद और पार्टी प्रवक्ता शुखेंदु शेखर रॉय ने जगदीप धनखड़ के पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्यपाल द्वारा लिखे गए पत्र की भाषा पर सवाल उठाया और कहा कि यह राज्यपाल द्वारा विधानसभा अध्यक्ष को तलब करने के समान है।

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