शिक्षक और कवि समाज को बदल सकते हैं- रेखा अस्थाना

नई दिल्ली । राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना एवं ट्रू मीडिया के तत्वावधान में 75वेंअमृत महोत्सव के अवसर पर आयोजित “अमृतायनी” विमोचन समारोह एवं काव्य गोष्ठी में मुख्य अतिथि के रुप में रेखा अस्थाना, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना एवं अध्यक्ष, साहित्य मुग्धा दर्पण, गाजियाबाद ने अपना मंतव्य देते हुए कहा कि अगर आपको किसी देश का अवलोकन करना हो तो वहां की राजधानी देखो और समाज देखना हो तो वहां के शिक्षक से मिलो। ऐसा चाणक्य कहते थे और कहा कि जिस मानव के अंदर चेतना है, वह मानव नहीं महामानव हो जाता है।

प्रथम सत्र की मुख्य अतिथि डॉ. पूनम माटिया ने कहा – महिलाओं की विचारधारा अच्छी हो तो पूरे समाज और देश पर इसका प्रभाव पड़ता है। स्वयं की अच्छी विचारधारा को अपने बच्चों को देकर जाएं। डॉ. ममता सिंह, नोएडा ने कहा कि- अमृत महोत्सव की सफलता के लिए हम जितनी आहुतियां दे सकते हैं दें। डॉ. दीपा दीप ने कहा कि – हिन्दी पर जो कार्य हो रहा है उसे देखकर अत्यंत प्रसन्नता होती है। डॉ. प्रभु चौधरी राष्ट्रीय महासचिव, राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना, उज्जैन ने कहा कि शिक्षा केवल डिग्रियों से नहीं होती। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से देश में हिंदी को अच्छे से लागू करने का अवसर हमें मिला है।

अध्यक्षीय भाषण में डॉ. पूर्णिमा शर्मा, महासचिव वाव इंडिया, दिल्ली ने कहा- आज का दिन विशेष है। कार्यक्रम में उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर जी एवं महावीर जी को याद करते हुए, वैशाखी की बधाई दी। विशिष्ट अतिथि के रुप में उपस्थित प्रमिला मलिक ने गाया – आंखों से हो दूर मगर, पांव से मंजिल दूर नहीं। विशिष्ट अतिथि के रुप में उपस्थित डॉ. अर्चना गर्ग गाजियाबाद ने आशीर्वचन कहे। काव्य गोष्ठी के अंतर्गत रंजना मजूमदार, उमंग सरीन, उषा, डॉ. पूनम भाटिया, डॉ. तुलिका सेठ, कामना मिश्रा, भूपेंद्र कौर, सोनिया, डॉ. दीपा दीप, राधा, सीमा सागर, ववली सिन्हा, कामना मिश्रा आदि ने बहुत ही सुंदर और रोचक कविताओं का काव्य पाठ किया।

कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. रश्मि चौबे, मुख्य राष्ट्रीय महासचिव महिला इकाई, राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना की सरस्वती वंदना से हुई। स्वागत भाषण ओम प्रकाश प्रजापति, संचालक ट्रू मीडिया, संपादक एवं प्रदेशाध्यक्ष राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना, उ.प्र.ने किया। कार्यक्रम के प्रथम सत्र का संचालन कामना मिश्रा ने किया और द्वितीय सत्र का सुंदर संचालन डॉ. रश्मि चौबे गाजियाबाद ने किया। आभार व्यक्त डॉ. प्रभु चौधरी, राष्ट्रीय महासचिव, राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना ने किया। कार्यक्रम में भारत विकास परिषद के मदन मलिक सर सहित अन्य अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।

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