मासूम भाई को डूबने से बचाने में गई बहन की भी जान, टुसू पर्व पर शोक में डूबा जंगल महल

खड़गपुर : टुसू के आने से पहले गांव खड़गपुर में परित्याग! पश्चिम मेदिनीपुर के खड़गपुर लोकल में डूबते मासूम भाई को बचाने की कोशिश में बहन की भी जान चली गई। इस दुर्घटना से टुसू पर्व की खुशियों की जगह मातम पसर गया। पौष संक्रांति यानि आनंद-आह्लाद की मकर संक्रांति। लेकिन इसके पहले ही गांव में टुसू का परित्याग! घटनाक्रम के मुताबिक स्थानीय थाना क्षेत्र भुकभुकिशोल गांव में एक भाई-बहन की दर्दनाक मौत हो गई। स्थानीय व पुलिस सूत्रों के अनुसार बुधवार दोपहर करीब नौ वर्षीय सौरव मांडी गांव के पास मोरम खदान के पास खेल रहा था कि अचानक हुआ हुआ हादसा! सौरभ मोरम खदान के गड्ढे में गिर पड़ा। कुछ दिनों की बारिश के बाद मोरम खदान में काफी पानी जमा हो गया था। वह उसी पानी में डूब गया। दूर से उस दृश्य को देख दीदी चंपा (11) अपने भाई को बचाने के लिए पानी में कूद गईं। लेकिन दोनों डूब गए! कुछ देर बाद स्थानीय लोगों ने उन्हें बेहोशी की हालत में देखा।

अस्पताल ले जाया गया तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। गुरुवार की सुबह खड़गपुर ग्रामीण पुलिस ने उनके शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस बीच पौष संक्रांति की पूर्व संध्या पर हुई घटना से पूरे जिले में शोक की छाया व्याप्त हो गई। पता चला है कि सौरव और चंपा अपनी मां के साथ भुकभुकिशोल गांव में अपने चाचा के घर पर रहते थे। दोनों एक स्थानीय मिशनरी स्कूल में पढ़ते थे। पिता स्वरूप मंडी केशियाड़ी स्थित अपने घर में रहते थे। वह पेशे से एक गरीब मजदूर है! बुधवार शाम को यह खबर सुनकर वह गांव पहुंचे। वे कुछ कहने की स्थिति में नहीं थे! दूसरी ओर शोक में मां बार-बार होश खो रही थी। टुसू पर्व से पहले पूरे गांव में मातम छा गया है।

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