कोलकाता। निलंबित भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा द्वारा पैगंबर के खिलाफ टिप्पणी के विरोध में पश्चिम बंगाल में शुक्रवार और शनिवार को हिंसा हुई। इसके साथ ही बंगाल में हिंसा पर राजनीति भी हो रही है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे बीजेपी का पाप बताया। उन्होंने कहा कि बीजेपी के पाप की सजा दूसरे लोग क्यों भुगतें। वहीं, भाजपा ने कहा कि पश्चिम बंगाल की सरकार हिंसा रोकने में विफल हुई। यहां केंद्रीय बलों को शांति व्यवस्था बहाल करने के लिए तैनात किया जाए। दरअसल, बंगाल भाजपा के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने शनिवार को हावड़ा के हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा करने की कोशिश की थी। उन्हें पुलिस ने निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने के लिए विद्यासागर सेतु टोल प्लाजा पर गिरफ्तार कर लिया था।

उन्हें लालबाजार सेंट्रल पुलिस लॉकअप ले जाया गया और बाद में जमानत दी गई। इसके बाद मजूमदार ने राज्यपाल जगदीप धनखड़ से मुलाकात की और स्थिति से निपटने के लिए हावड़ा और अन्य जिलों में केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग की। राज्यपाल धनखड़ ने बिगड़ती कानून व्यवस्था की स्थिति पर चिंता व्यक्त की और मुख्यमंत्री से कानून तोड़ने वालों से सख्ती से निपटने की अपील की। उन्होंने राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस पर निष्क्रियता का आरोप लगाया और कहा कि हिंसा में शामिल सभी लोगों की पहचान की जानी चाहिए और उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए।

शुक्रवार और शनिवार को हावड़ा में उपद्रवियों ने हिंसा किया था। कई दुकानों में तोड़फोड़ की गई और उन्हें जला दिया गया। उपद्रवियों ने भाजपा के ऑफिस पर भी हमला किया। दो मंजिला ऑफिस में तोड़फोड़ की गई। भीड़ ने ऑफिस के कमरों में तोड़फोड़ की और फिर आग लगा दिया। मुर्शिदाबाद जिले के कुछ हिस्सों और दक्षिण 24 परगना में भी शनिवार को हिंसा हुई थी। पुलिस अधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार हत्या के प्रयास और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने के आरोपों में कम से कम 60 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

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