कोलकाता। भाकपा माले (लिबरेशन) के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि बंगाल की जनता नहीं चाहती कि वाममोर्चा सत्ता में वापसी करे। कोलकाता में पार्टी के राज्य सम्मेलन को संबोधित करते हुए भट्टाचार्य ने कहा कि वाममोर्चा बंगाल में अपने कार्यकाल के अंतिम वर्षों में जनता से दूर होती चली गई। लोगों के मन में उसके प्रति प्रतिकूल मानसिकता तैयार हुई और अब जनता उसे वापस सत्ता में देखना नहीं चाहती। यही कारण है कि बंगाल में पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में वाममोर्चा एक भी सीट नहीं जीत पाई। भट्टाचार्य ने आगे कहा कि केंद्र में भाजपा का सामना करने के लिए सभी विरोधी दलों को राष्ट्रीय स्तर पर एकजुट होना पड़ेगा।

कांग्रेस और तृणमूल को साथ आना पड़ेगा। गौरतलब है कि भाकपा माले (लिबरेशन) शुरू से ही इसकी वकालत करती आ रही है। उसने कहा था कि जिस राज्य में जो पार्टी मजबूत स्थिति में है, वहां उसे भाजपा के खिलाफ विरोधी नेतृत्व की कमान सौंपी जानी चाहिए। भट्टाचार्य ने पिछले बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान ‘नो वोट फार बीजेपी’ का नारा दिया था। उन्होंने इस बाबत वाममोर्चा के तृणमूल से हाथ मिलाने की वकालत की थी। इसे लेकर उनकी वाममोर्चा अध्यक्ष बिमान बोस से काफी बहस हुई थी। भट्टाचार्य ने उस वक्त कहा था कि वाममोर्चा के इस रूख से तृणमूल को ही फायदा होने वाला है।

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