होशियारपुर। एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले पूर्व ओलंपियन धावक हरि चंद का ह्रदयाघात के बाद जालंधर के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह 69 वर्ष के थे। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार उनका अंतिम संस्कार कल गांव घोरेवाहा में होगा। एक अप्रैल 1953 को जन्मे लंबी दौड़ के धावक हरि चंद सीआरपीएफ से कमांडेंट के रूप में सेवानिवृत्त हुए थे। हरि चंद ने 1978 में बैंकॉक में हुए एशियाई खेलों में 5000 मीटर और 10000 मीटर दौड़ में दो स्वर्ण पदक जीते थे। उन्होंने ओलंपिक खेलों में दो बार हिस्सा लिया। 1976 में मोंट्रियल ओलंपिक्स में 10000 मीटर दौड़ में 28 मिनट 48.2 सेकंड का राष्ट्रीय रिकॉर्ड 32 वर्ष तक बना रहा।

ऑल इंडिया पोलिस गेम्स में भी उन्होंने 1500, 5000 और 10000 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीतकर नये राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित किये। उन्हें 1975 में अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया गया। हरि चंद के छोटे बेट सोनीपाल सिंह ने बताया कि पिता की देखभाल के लिए उन्होंने दिल्ली में अपना टूर्स एंड ट्रैवल्स कारोबार बंद कर दिया था और गांव आ गये थे। हरि चंद का बड़ा बेटा ओएनजीसी में अवर महाप्रबंधक के रूप में असम में कार्यरत है और बेटी बलजीत दिल्ली में कार्यरत हैं।

सोनीपाल सिंह ने कहा कि सरकार को पूर्व सैनिकों और देश की कीर्ति फैलाने वाले लोगों की वृद्धावस्था में देखभाल की जिम्मेवारी लेनी चाहिए। उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा कि ऐसे लोगों को सरकारें तभी याद करती हैं जब वह दुनिया छोड़ देते हैं। स्थानीय विधायक जसबीर गिल ने शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि महान ओलंपियन को पीढ़ियों तक याद किया जाएगा और पीढ़ियां उनसे प्रेरणा लेती रहेंगी।

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