Images 2021 04 12T181055.876

बच्चों को कोरोना से बचा सकता है मां का दूध

वाशिंगटन : दुनिया में जब कोरोना फैला तो सवाल खड़ा हुआ- क्या मां के दूध से बच्चों में कोरोना फैल सकता है? वहीं, करीब एक साल बाद जब वैक्सीनेशन शुरू हुआ तो सवाल खड़े होने लगे कि क्या वैक्सीन से बनने वाले एंटीबॉडीज मां के दूध से बच्चों में जा सकते हैं? क्या एंटीबॉडीज वाली मां का यह दूध नवजातों को कोरोना से बचा सकता है?

रिसर्चर्स के कई समूहों ने मां के दूध की जांच की, मगर उन्हें उसमें वायरस का कोई निशान तो नहीं मिला। मिले तो सिर्फ एंटीबॉडीज। अमेरिका में कम से कम 6 रिसर्चर के अलग-अलग रिसर्च से साबित हुआ कि कोरोना वैक्सीन लगवाने वाली महिलाओं के शरीर में बने एंटीबॉडीज स्तनपान के जरिए उनके बच्चों तक पहुंच गए। इससे काफी हद तक साफ हो गया कि मां का दूध बच्चों को इन्फेक्शन से बचा सकता है।

रिसर्चर्स के सामने बड़ा सवाल था कि क्या कोरोना वैक्सीन से बनने वाले एंटीबॉडीज भी मां के दूध से बच्चों तक पहुंच सकते हैं? क्योंकि दुनिया के किसी भी वैक्सीन ट्रायल में गर्भवती या दूध पिलाने वाली मां को शामिल नहीं किया गया था, इसलिए रिसर्चर्स को सबसे पहले दूध पिलाने वाली ऐसी महिलाएं तलाशनी थी, जिन्हें वैक्सीन लगाई जा सकती थी।

यह भी पढ़ें:  केरल में आयुर्वेद, योग और तंदुरूस्ती पर भारत-रूस का सम्मेलन

न्यूयॉर्क के मैनहटन के माउंट सिनाई में इकॉन स्कूल ऑफ मेडिसिन के एक मानव दुग्ध रोग विशेषज्ञ रेबेका पॉवेल ने एक फेसबुक ग्रुप के जरिए सैकड़ों डॉक्टरों और नर्सों को अपना दूध रिसर्च के लिए देने को तैयार कर लिया। रेबेका ने 10 महिलाओं के दूध का विश्लेषण किया, जिन्हें वैक्सीन की दूसरी डोज लगे 14 दिन बीत चुके थे।

इनमें से 6 महिलाओं को फाइजर-बायोएनटेक वैक्सीन लगवाई थी और चार ने मॉडर्ना वैक्सीन। रिसर्च में पता चला कि इन सभी महिलाओं के दूध में एंटीबॉडी अच्छी तादाद में मिले। इसी तरह दूसरे रिसर्चर्स को भी करीब-करीब यही नतीजे मिले।

Kolkata News Desk Avatar

Kolkata News Desk

News Editor MA

कोलकाता और पश्चिम बंगाल की ब्रेकिंग न्यूज, स्थानीय घटनाओं, खेल, राजनीति और सामाजिक मुद्दों की खबरों को कवर करता है। हमारी डेस्क टीम 24×7 सक्रिय रहकर पाठकों को ताज़ा और प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराती है।

यह भी पढ़ें:  6 लाख लोगों के लिए मुफ्त चिकित्सा शिविर का आयोजन किया
Areas of Expertise: Sports, Politics & West Bengal
Fact Checked & Editorial Guidelines

Our Fact Checking Process

We prioritize accuracy and integrity in our content. Here's how we maintain high standards:

  1. Expert Review: All articles are reviewed by subject matter experts.
  2. Source Validation: Information is backed by credible, up-to-date sources.
  3. Transparency: We clearly cite references and disclose potential conflicts.
यह भी पढ़ें:  आईआईटी खड़गपुर के एसपीएमएसएच में सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
Reviewed by: Subject Matter Experts

Our Review Board

Our content is carefully reviewed by experienced professionals to ensure accuracy and relevance.

  • Qualified Experts: Each article is assessed by specialists with field-specific knowledge.
  • Up-to-date Insights: We incorporate the latest research, trends, and standards.
  • Commitment to Quality: Reviewers ensure clarity, correctness, and completeness.

Look for the expert-reviewed label to read content you can trust.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

twenty − five =