गोरखपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में हिन्दुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड के उर्वरक कारखाने, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) सहित कुल 9600 करोड़ रुपये से अधिक मूल्‍य की अन्य परियोजनाओं लोकार्पण किया। इस अवसर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, डा दिनेश शर्मा, केन्द्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल और उत्तर प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह सहित केन्द्र एवं राज्य सरकार के विभिन्न मंत्री और आला अधिकारी भी उपस्थित थे।

मोदी ने लगभग 598 एकड़ क्षेत्रफल में स्थापित खाद कारखाने का उद्घाटन किया। मोदी द्वारा रिमोट कंट्रोल से कारखाने का उद्घाटन होते ही कारखाने से उत्पादन प्रारंभ हो गया। इसकी लागत 8,603 करोड़ रुपए है।उल्लेखनीय है कि इस संयंत्र की क्षमता 2,200 मीट्रिक टन लिक्विड अमोनिया तथा 3,850 मीट्रिक टन नीम कोटेड यूरिया के प्रतिदिन उत्पादन है। यह खाद कारखाना 12.7 लाख मीट्रिक टन प्रिल्ड नीम कोटेड यूरिया का वार्षिक उत्पादन करेगा। गोरखपुर में यह कारखाना पिछले 30 साल से बंद पड़ा था। इस उर्वरक कारखाने को फिर से शुरु किया जा गया है।

इस दौरान मोदी ने आयोजन स्थल से ही रिमोट कंट्रोल से नवनिर्मित एम्स की इमारत का भी लोकार्पण किया। इसकी लागत 1,011 करोड़ रुपए है। इसकी स्थापना 112 एकड़ क्षेत्र में की जा रही है। इस उच्चस्तरीय विशेषज्ञ चिकित्सा संस्थान के माध्यम से मरीजों को उत्कृष्ट चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएंगी। इसमें गोरखपुर एम्स 14 अत्याधुनिक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, उच्च श्रेणी के नवीनतम सीटी, एमआरआई, डायलिसिस मशीन, सी-आर्म मशीन सहित अनेक मेडिकल उपकरणों एवं सुविधाओं से युक्त है।

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर गोरखपुर में स्थापित किए गये आईसीएमआर के रीजनल मेडिकल रिसर्च सेण्टर का भी लोकार्पण किया। यह शोध केंद्र इंसेफेलाइटिस, डेंगू, चिकुनगुनिया, कालाजार सहित कोविड-19 जैसी बीमारी के वायरस की पहचान करने तथा उसके उपचार के लिए अनुसंधान को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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