तारकेश कुमार ओझा, खड़गपुर । महात्मा गांधी विश्वविद्यालय के फंड के अभाव में बंद हो चुके निर्माणाधीन भवन को पूरा करने की मांग को लेकर आयोजित महिषादल शिक्षा अधिवेशन में जिले के तीन सौ से अधिक प्राध्यापक, अभिभावक, छात्रों ने भाग लिया। सम्मेलन में निर्माणाधीन भवन शीघ्र पूरा करने पर जोर दिया गया। पूर्व मेदिनीपुर जिले में महात्मा गांधी विश्वविद्यालय में निर्माणाधीन भवन का निर्माण अधर में लटक जाने की बात सम्मेलन में कही गई। आज जिले के महिषादल में एक महत्वपूर्ण शिक्षा सम्मेलन का आयोजन किया गया था।

अधिवेशन की अध्यक्षता महिषादल राज कॉलेज के प्रख्यात प्रोफेसर मानस कुमार जाना ने की। अधिवेशन के संयोजकों में से एक विश्वजीत राय ने अधिवेशन का मुख्य प्रस्ताव पढ़कर सुनाया फिर उन्होंने मूल प्रस्ताव के समर्थन में बात की। शिक्षक बासुदेव दास, प्रोफेसर नॉटन सिंह, वकील मौमिता दास, महिषादल राज कॉलेज के पुस्तकालयाध्यक्ष बिश्वजीत चौधरी, सेवानिवृत्त शिक्षक शुभेंदु शेखर दास, द्विजेंद्रनाथ बेताल और जिले के विभिन्न कॉलेजों के अन्य प्रख्यात शिक्षक और छात्रों ने इसमें हिस्सा लिया। जादवपुर विश्वविद्यालय के प्रख्यात प्रोफेसर डॉ. देवव्रत बेरा अधिवेशन में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व सदस्य दिलीप माईती ने कहा, “पूर्व मेदिनीपुर जैसे जिले में जहां 19 डिग्री कॉलेज हैं, वहां एक पूर्ण विश्वविद्यालय स्थापित करना बहुत महत्वपूर्ण है। पश्चिम मेदिनीपुर और झाडग्राम जिलों से बड़ी संख्या में छात्र कॉलेज पास करने के बाद विद्यासागर विश्वविद्यालय में उच्च शिक्षा के लिए आवेदन करते हैं, लेकिन सीटों की कमी और दूरी की समस्या के कारण, कई छात्र अपनी प्रतिभा के बावजूद उच्च शिक्षा से वंचित हैं। इसलिए पूर्व मेदिनीपुर जिले में एक पूर्ण विश्वविद्यालय की मांग लंबे समय से चली आ रही थी, ताकि गरीब, निम्न मध्यम वर्ग के परिवारों के छात्र कम लागत पर उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें।

महिषादल के कापसरिया में महात्मा गांधी विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य शुरू होने से जिले की जनता आशान्वित थी। लेकिन यह बेहद निंदनीय है कि निर्माण कार्य शुरू होने से पहले सरकारी धन की कमी के कारण विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य रोक दिया गया। हम जानते हैं कि सरकार विभिन्न परियोजनाओं पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। लेकिन शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय पर खर्च करने में हीलाहवाली की जाती है। सरकार को तत्काल शिक्षा के लिए फंड आवंटन में वृद्धि करनी चाहिए और विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए आवश्यक धन उपलब्ध कराना चाहिए।”

आज के अधिवेशन में जिले के 19 महाविद्यालयों के तीन सौ से अधिक विद्यार्थी प्रतिनिधि के रूप में शामिल हुए सम्मेलन में विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के प्रमुख शिक्षक और प्रोफेसर, जिले के जानकार नागरिक, डॉक्टर और अभिभावक भी शामिल हुए। अधिवेशन से एक 62 सदस्यीय समिति का गठन किया गया था जिसमें प्रोफेसर मानस कुमार माईती अध्यक्ष और विश्वजीत रॉय और बासुदेव दास संयुक्त संपादक मनोनीत किए गए। अधिवेशन से भविष्य में आंदोलन के संचालन के लिए विभिन्न योजनाओं को अपनाने की बात कही गई।0c7604f0-4007-43f7-9d0e-3617c79b8ac1

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