जानिये दीवाली पर लक्ष्‍मी पूजा का मुहूर्त, प्रदोष काल, लाभ, अमृत और शुभ चौघड़िया

दीपावली को दीप उत्सव भी कहा जाता है। क्योंकि दीपावली का मतलब होता है दीपों की अवली यानि पंक्ति। दिवाली या दीपावली हिंदू धर्म का एक प्रमुख पर्व है। हिंदू धर्म में दिवाली का विशेष महत्व है। धनतेरस से भाई दूज तक करीब 5 दिनों तक चलने वाला दिवाली का पर्व भारत और नेपाल समेत दुनिया के कई देशों में मनाया जाता है। 14 नवंबर शनिवार को दीपावली मनाई जाएगी। दिवाली का पर्व अंधकार पर प्रकाश की विजय को दर्शाता है। हिंदू धर्म के अलावा बौद्ध, जैन और सिख धर्म के अनुयायी भी दिवाली मनाते हैं। जैन धर्म में दिवाली को भगवान महावीर के मोक्ष दिवस के रूप में मनाया जाता है। वहीं सिख समुदाय में इसे बंदी छोड़ दिवस के तौर पर मनाते हैं। आइए जानते हैं कि 2020 में दिवाली कब है व दिवाली 2020 की तारीख व मुहूर्त।

दिवाली पर लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त –

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त्त :17:30:04 से 19:25:54 तक
अवधि :1 घंटे 55 मिनट
प्रदोष काल :17:27:41 से 20:06:58 तक
वृषभ काल :17:30:04 से 19:25:54 तक

दिवाली पर इस बार बहुत ही उत्तम योग बन रहा है। स्थिर लग्न में लक्ष्मी कुबेर पूजन का पूजन किया जाएगा। दीपावली पर शनि स्वाति योग से सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है। यह योग सुबह से लेकर रात 8:48 तक रहेगा। दिवाली र्वार्थसिद्धियोग के साथ ग्रहों की स्थिति भी बहुत उत्तम है।

शुक्र बुध की राशि कन्या में , शनिदेव स्वराशि मकर में ,राहु शुक्र की राशि वृष में तो केतु मंगल की राशि वृश्चिक में हैं। इस दिन सूर्य तुला राशि मे ,चंद्रमा शुक्र की राशि तुला में ,पराक्रम कारक ग्रह मंगल गुरु की राशि मीन में , बुध शुक्र की राशि तुला में हैं। बताया जा रहा है कि ग्रहों की इस प्रकार की स्थिति 499 साल पहले 1521 में थी। दिवाली का पूजन स्थिर लग्न में करना अच्छा होता है। कहते हैं कि इस स्थिर लग्न में पूजन करने से माता लक्ष्मी आपके घर में ठहरती है। यहां पढ़ें दिवाली का पूजन मुहूर्त

स्थिरलग्न में पूजन महूर्त
वृषभ-सायं 5:30 से 7:30 के मध्य
सिंह -रात 12:00 से 2:15 के मध्य

दिवाली महानिशीथ काल मुहूर्त

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त्त :23:39:20 से 24:32:26 तक
अवधि :0 घंटे 53 मिनटम
हानिशीथ काल :23:39:20 से 24:32:26 तक
सिंह काल :24:01:35 से 26:19:15 तक

दिवाली शुभ चौघड़िया मुहूर्त

अपराह्न मुहूर्त्त (लाभ, अमृत):14:20:25 से 16:07:08 तक
सायंकाल मुहूर्त्त (लाभ):17:27:41 से 19:07:14 तक
रात्रि मुहूर्त्त (शुभ, अमृत, चल):20:46:47 से 25:45:26 तक
उषाकाल मुहूर्त्त (लाभ):29:04:32 से 30:44:04 तक

पूजन सामग्री- रोली, मौली, पान, सुपारी, अक्षत, धूप, घी का दीपक, तेल का दीपक, खील, बताशे, श्रीयंत्र, शंख , घंटी, चंदन, जलपात्र, कलश, लक्ष्मी-गणेश-सरस्वतीजी का चित्र, पंचामृत, गंगाजल, सिन्दूर, नैवेद्य, इत्र, जनेऊ, कमल का पुष्प, वस्त्र, कुमकुम, पुष्पमाला, फल, कर्पूर, नारियल, इलायची, दूर्वा।

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