IMG 20230827 WA0014

शिव के साथ नंदी की पूजा जरूरी है, जानिए कान में मनोकामना बोलने के 6 नियम

वाराणसी। भगवान शिव के प्रमुख गणों में से एक है नंदी। नंदी जी कैलाश पर्वत के द्वारपाल भी हैं। उनका एक स्वरूप महिष भी। महिष को बैल भी कहते है। जब भी हम शिव मंदिर में जाते हैं तो शिवलिंग के सामने कुछ दूरी पर नंदी महाराज विराजमान रहते हैं।

शिवजी के साथ नंदी की पूजा जरूरी : कई लोग सीधे मंदिर में चले जाते हैं और शिवलिंग की पूजा करके चले जाते हैं। लेकिन शिवजी के साथ उनकी पूजा भी करना जरूरी है अन्यथा शिवलिंग की पूजा का पुण्य प्राप्त नहीं होता है। बैल की पूजा या कथा विश्व के सभी धर्मों में मिल जाएगी। शिव जी ने ही नंदी को वरदान दिया था कि जहां उनका निवास होगा वहां नंदी भी हमेशा विराजमान रहेंगे। इसलिए हर शिव मंदिर शंकर परिवार के साथ-साथ नंदी भी विराजमान होते हैं।

जब भी मंदिर जाएं तो शिवलिंग का जलाभिषेक करने के बाद नंदी की प्रतिमा के समक्ष दीपक जलाएं उसके पश्चात आप नंदी महाराज की आरती कीजिए। आरती करने के पश्चात आप चुपचाप बिना किसी से बातचीत किए अपनी मनोकामना नंदी महाराज के कानों में बोल दीजिए। मनोकामना बोलने के बाद बोलें कि ‘नंदी महाराज हमारी मनोकामना पूरी करो।’

यह भी पढ़ें:  भौम प्रदोष व्रत आज, मंत्र जाप से पूरी होगी हर इच्छा

क्यों बोलते हैं नंदी जी के कान में मनोकामना : शिव मंदिर में लोग शिवलिंग के दर्शन और पूजा करने के बाद वहां शिवजी के सामने विराजित भगवान नंदी की मूर्ति के दर्शन कर उनकी पूजा करते हैं और अंत में उनके कान में अपनी मनोकामना बोलते हैं। कहते हैं कि शिवजी अधिकतर समय तपस्या में लीन रहते हैं उनकी तपस्या में विघ्‍न न पड़े इसीलिए नंदीजी हमेशा उनकी सेवा में तैनात रहते हैं। जो भी भक्त भगवान शिव के पास अपनी समस्या लेकर आता है नंदी उन्हें वहीं रोक लेते हैं। किसी बाहरी विघ्न से उनकी तपस्या भंग न हो इसीलिए भक्तगण अपनी बात नंदीजी को कह देते हैं। नंदी जी से कहीं गई बात शिवजी तक पहुंच जाती है। इसीलिए मंदिरों में नंदीजी के कान में अपनी मनोकामना कहे जाने का प्रचलन है। कहते हैं कि स्वयं भगवान शिव जी ने नंदी को यह वरदान दिया था कि जो तुम्हारे कान में आकर अपनी मनोकामना कहेगा उस व्यक्ति की सभी इच्छाएं जरूर पूरी होंगी।

कान में मनोकामना कहने का नियम :
1. नंदीजी के कान में अपनी मनोकामना कहने से पूर्व उनका पूजन करें।
2. नंदी के बाएं कान में मनोकामना कहने का अधिक महत्व है। हालांकि किसी भी कान में कह सकते हैं।
3. नंदी के कान में मनोकामना बोलते वक्त इस बात का ध्यान जरूर रखें कि आपकी मनोकामना कोई दूसरा नहीं सुन रहा हो।
4. मनोकामना बोलते वक्त आप अपने होंठों को अपने दोनों हाथों से ढंक लें ताकि कोई आपको देख नहीं पाए।
5. नंदीजी के कान में किसी भी व्यक्ति की बुराई या किसी का बुरा करने की बात न कहें।
6. मनोकामना कहने के बाद नंदीजी के समक्ष कुछ भेंट अर्पित करें। जैसे फल, प्रसाद या धन।

यह भी पढ़ें:  वार के अनुसार लगाएं माथे पर तिलक तो मिल सकते हैं शुभ परिणाम
manoj
पंडित मनोज कृष्ण शास्त्री

ज्योर्तिविद वास्तु दैवज्ञ
पंडित मनोज कृष्ण शास्त्री
मो. 9993874848
हर हर महादेव शिव शंभू

Kolkata News Desk Avatar

Kolkata News Desk

News Editor MA

कोलकाता और पश्चिम बंगाल की ब्रेकिंग न्यूज, स्थानीय घटनाओं, खेल, राजनीति और सामाजिक मुद्दों की खबरों को कवर करता है। हमारी डेस्क टीम 24×7 सक्रिय रहकर पाठकों को ताज़ा और प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराती है।

Areas of Expertise: Sports, Politics & West Bengal
यह भी पढ़ें:  नवरात्रि के छठवें दिन माँ कात्यायनी की पूजा
Fact Checked & Editorial Guidelines

Our Fact Checking Process

We prioritize accuracy and integrity in our content. Here's how we maintain high standards:

  1. Expert Review: All articles are reviewed by subject matter experts.
  2. Source Validation: Information is backed by credible, up-to-date sources.
  3. Transparency: We clearly cite references and disclose potential conflicts.
Reviewed by: Subject Matter Experts

Our Review Board

Our content is carefully reviewed by experienced professionals to ensure accuracy and relevance.

  • Qualified Experts: Each article is assessed by specialists with field-specific knowledge.
  • Up-to-date Insights: We incorporate the latest research, trends, and standards.
  • Commitment to Quality: Reviewers ensure clarity, correctness, and completeness.

Look for the expert-reviewed label to read content you can trust.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

five + 8 =