IRES: वर्ल्ड एप्स डे के उपलक्ष में इंडिपेंडेंट रिसर्च एथिक्स सोसाइटी ने किया 267वां आयुष समृद्धि इंटरनेशनल वेबिनार

कोलकाता : हर दिन आयुर्वेद – आयुष के संग आज का विषय था ‘इनोवेटिव एप्स फॉर आयुष’ मोबाइल एप्लीकेशन-एप्स और आयुर्वेद के क्षेत्र के नये इनोवेशन – अविष्कार। सर्वदा की भांति ईश्वर स्तुति से होस्ट और मॉडरेटर डॉ. पवन कुमार शर्मा, प्रेजिडेंट IRES ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सहयोग में पूरी IRES टीम, इमामी, झंडू, विश्व आयुर्वेद परिषद्, मेड फार्मा सी.आर.ओ सभी थे। आमंत्रित वक्ता में थे डॉ. अमित पटेल, अहमदाबाद से वो वैद्य मैनेजर एप्प के फाउंडर और डायरेक्टर हैं। डॉ. शरद, हावेरी से, असिस्टेंट प्रोफेसर, डिपार्टमेंट ऑफ़ संहिता सिद्धांत, एस.एस. आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज, डॉ. पीयूष जुनेजा, गुरुग्राम से, फाउंडर इंडियन वैद्य, प्रोफेसर डिजिटल मार्केटिंग ICFAI बिज़नेस स्कूल, डॉ. सुजीत एस. कोचीन से, फाउंडर एंड डायरेक्टर भिषेक CEET एप्प तथा रामानाथ पी. बैंगलोर से, को-फाउंडर एंड डायरेक्टर, आयुर्यथम होलिस्टिक वैलनेस एप्प।

सभी आमंत्रित वक्ताओं ने बारी-बारी से अपने मोबाइल एप्लीकेशन और उसकी महत्व बताया।
डॉ. पटेल ने क्लिनिक डॉक्टर्स के लिए सॉफ्टवेयर बनाया है, उन्होंने इसका डेमो दिखाया, किस तरह पेशेंट हैंडलिंग रिकार्ड्स क्लिक से किया जाता है। फोटो रिकार्ड्स से लेकर प्रेस्क्रिप्सन इस सॉफ्टवेयर में मल्टी लैंग्वेज में स्टोर किया जा सकता है। पंचकर्मा मैनेजमेंट, पेशेंट की थेरेपी प्लानिंग इत्यादि पैकेज किये जा सकते हैं और ये सारे रिकार्ड्स डॉक्टर अपने मोबाइल, जेब में रख सख्ते हैं तथा कही से भी एक्सेस कर सकते हैं। पेशेंट के डाइट और फीडबैक भी फॉलो कर सकते हैं इस डिजिटल एप्प से, ग्राफ परफॉरमेंस एनालिसिस से अकाउंट पेमेंट मैनेजमेंट तक हो सकती है! सबसे अच्छी बात ये है कि आपका क्लिनिक पेपर फ्री हो जायेगा।

वैद्य शरद ने बताया कैसे सारे मनुस्क्रिप्टस आयुर्वेद ग्रन्थ का कलेक्शन और कैसे भिन्न-भिन्न आयुर्वेद परीक्षा जैसे दस विध परीक्षा, लाइफस्टाइल कंसल्टेंसी इत्यादि एप्प से किया जा सकता हैं। स्किल डेवलपमेंट को ले कर उन्होंने बहुत ही अच्छी बातें बताई। बायो मेडिकल इंजीनियर रामानाथ जी ने भी बहुत कुछ अच्छी बातें बताई। प्रकृति और विकृति की एप्प बनी है डिजिटल परीक्षा के लिए। जिसे इंडस्ट्री और मिनिस्ट्री ने भी बहुत सराहा है। ये एप्प गूगल प्ले स्टोर मोबाइल पे भी फ्री उपल्ब्ध है।

इसमें इनपुट से वात, पित्त और कफ को जान कर कौन से योग, एक्सरसाइज, डाइट देना है या नहीं इनकी वीडियो लिंक और बहुत सारी जानकारी उपलब्ध है। आप प्रतिदिन या साप्ताहिक एनालिसिस सचेडूले भी बना सकते हैं। इस एप्प के डेढ़ लाख से भी ज्यादा यूजर्स 130 से ज्यादा देशों में हैं और बहुत सारे अवार्ड भी मिले हैं। उन्होंने डेमो भी दिखाया जिससे सभी को बहुत ही लाभ हुआ। IRES के यूट्यूब चैनल में इसकी रिकॉर्डिंग्स भी उपलब्ध है। अभिलेश गुप्ता और इनकी टीम IIT और MBA अलुमिनी ने यह संभव कर दिखाया है इस एप्स द्वारा।

डॉ. सुजीत ने आयुर्वेद के एंट्रेंस एप्प के बारे में बताया। इसके आठ हज़ार से ज्यादा यूजर हैं। वैसे ही प्रैक्टिशनर के लिए भी एप्प हैं – भीसक एप्स इसमें रेफरेन्सेस हैं, डिजीज रोगो के डिटेल्स डायग्नोसिस ट्रीटमेंट इत्यादि बतलायी गई है। यह BAMS आयुर्वेद के डॉक्टर्स पास आउट के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है, रिसर्च आर्टिकल्स, रिव्यु भी एप्स में उपलब्ध है।
डॉ. पियूष जुनेजा ने बताया कैसे उन्होंने एप्प बनाया, जिससे आयुर्वेद डॉक्टर विभिन्न जगहों से जुड़े जैसे गूगल या जस्ट डायल या सुरेख जैसे सर्च इंजन में अगर हम या कोई भी आयुर्वेद डॉक्टर अपने एरिया में सर्च करे। डॉक्टर्स इसमें इंगेजमेंट हो कर क्लाइंट्स को अथिकाली कनेक्ट कर पाते हैं। इस वेबसाइट से आयुर्वेद डॉक्टर्स को प्लेसमेंट भी किया हैं।

वक्ताओं के प्रेजेंटेशन के बाद डिस्कशन भी बहुत अच्छी हुई, कार्यक्रम में जुड़े थे प्रो. वी.के. अग्निहोत्री, हरिद्वार से, डॉ. जयेश ठक्कर, कोलकाता से, डॉ. विष्णु प्रसाद शर्मा, गौहाटी से, डॉ. जगदीश्वर जी, तेलंगाना से और भी बहुत सारे जाने-माने विशेषज्ञगण जुड़े हुए थे। डॉ. अग्निहोत्री ने अपने समापन वक्तव्य में कहा कि एक क्लिक में इतना कुछ हो सकता है हमने यह आज जाना! आने वाले इस टेक्नोलॉजी के दिनों में ये सारे एप्प तथा और भी आने वाले एप्प आयुर्वेद को लोगो तक पहुंचाने में फायदेमंद साबित होंगे, जय आयुर्वेद की।

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