अलीपुरद्वार । लताबाड़ी क्षेत्र के किसान हाईटेक पद्धति से नेट हाउस के माध्यम से पहली बार आलू बीज का उत्पादन कर रहे हैं। कालचीनी प्रखंड के लताबाड़ी क्षेत्र के कई किसानों ने अपनी जमीन में हाईटेक पद्धति से आलू बीज का उत्पादन किया है। फिर से सरकार द्वारा नेट हाउस बनाया गया है और उसमें आलू बीज उत्पादन की प्रक्रिया चल रही है। किसानों को उम्मीद है कि इस तरह से उन्हें खेती में नई दिशा मिलेगी। इस आधुनिक तरीके से आलू के बीज का उत्पादन कैसे संभव है इस संबंध में इन किसानों को कृषि विभाग से व्यावहारिक प्रशिक्षण मिल रहा है।

इस क्षेत्र में आलू की खेती मुख्यतः पंजाब, उत्तर प्रदेश के बीजों पर निर्भर करती है। लगभग सभी आलू के बीज जो उपयोग में आते हैं वे पंजाब, उत्तर प्रदेश से आते हैं। इस बीच, आलू के बीज की कीमत हर साल बढ़ रही है। पिछले साल 50 किलो आलू बीज की कीमत 2500 से 3000 रुपए थी। यानी एक किलो बीज की बोरी खरीदने में करीब साठ रुपए का खर्च आता है। किसानों ने बताया कि यहां जो आलू बीज की खेती की जा रही है, उसकी कीमत 30 रुपये प्रति किलो होगी, खेती की लागत कम होगी और किसानों को फायदा होगा।

कलचीनी प्रखंड में पहली बार आलू बीज उत्पादन की आधुनिक हाईटेक पद्धति शुरू हुई है। किसानों को उम्मीद है कि इस पद्धति से उन्हें लाभ होगा। सरकारी समर्थन उनकी बात बन रहा है। उम्मीद कर रहे हैं कि आलू के बीज को खुले में बेचने से उन्हें लाभ होगा। कार्यालय सहयोग कर रहा है। प्रशिक्षण की व्यवस्था कृषि विभाग द्वारा की जा रही है तथा कृषि विभाग की ओर से आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई है।

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