कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मंत्री और तृणमूल कांग्रेस महासचिव पार्थ चटर्जी की करीबी अर्पिता मुखर्जी के आवास से बरामद एक ब्लैक एग्जीक्यूटिव डायरी और एक पॉकेट डायरी में कोड एंट्री डब्ल्यूबीएसएससी घोटाले में कई राज से पर्दा हटा सकती है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सूत्रों ने कहा कि इन दोनों डायरियों में कई कोड एंट्री हैं, जो पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (डब्ल्यूबीएसएससी) भर्ती अनियमितता घोटाले से प्राप्त आय के स्रोतों से संबंधित हो सकती हैं। ईडी को दावा है कि मोटी रकम लेकर शिक्षकों की भर्ती की गई थी।

डायरी में कोड के जरिए हुई एंट्री घोटाले की प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए कुछ व्यक्तियों को भुगतान करने से संबंधित हो सकती हैं। ईडी सूत्रों के मुताबिक, इन डायरियों में लिखे कोड को डिकोड करने का काम एक्सपर्ट्स की मदद से शुरू हो गया है। ईडी के एक अधिकारी ने कहा, हमारा लक्ष्य 3 अगस्त से पहले एंट्री को डिकोड करना है, ताकि हम हिरासत अवधि के दौरान ही पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी से पूछताछ कर सकें।

हालांकि, ईडी के सूत्रों ने कहा कि कुछ कोड एंट्री की लिखावट पार्थ चटर्जी या अर्पिता मुखर्जी से मेल नहीं खाती है, जिससे साफ है कि इस खेल में कोई तीसरा व्यक्ति भी शामिल है। पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी के मोबाइल फोन के कॉल हिस्ट्री की जांच की गई तो एक ऐसा नंबर प्राप्त हुआ, जिसपर नियमित रुप से कॉल की जा रही थी। ईडी अधिकारी ने कहा, हम अभी किसी भी विवरण का खुलासा करने में सक्षम नहीं हैं। लेकिन इस नंबर के साथ बातचीत से हमें कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं।

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