पुणे । राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना उज्जैन के महासचिव डॉ. प्रभु चौधरी द्वारा लिखित पुस्तक : देवनागरी लिपि तब से अब तक का अनुवाद मराठी भाषा में सुवर्णा जाधव ने किया। पुस्तक की समीक्षा वाचन डॉ. शहाबुद्दीन शेख ने की। सावित्रीबाई स्मृति मातृशक्ति सम्मान समारोह पुना कॉलेज पूणे में गति दिवस हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. आफताब अनवर शेख (प्राचार्य पुना कॉलेज पुणे), अध्यक्षता डॉ. दीपिका सुतोदिया (अध्यक्ष कार्यकारी गुवाहाटी असम), विशिष्ट अतिथि डॉ. अरूणा शुक्ला, डॉ. बालासाहेब शेख, डॉ. मुक्ता कौशिक, मुख्य वक्ता डॉ. शाकिर शेख, वक्ता डॉ. भरत शेणकर, डॉ. बालासाहेब तोरस्कर, डॉ. शेहनाज शेख, सुवर्णा जाधव, डॉ. प्रभु चौधरी, भुवनेश्वरी जायसवाल आदि रहे।

इस अवसर पर डॉ. प्रभु चौधरी की दीर्घ साहित्य सेवा एवं देवनागरी लिपि की प्रथम पुस्तक लेखक को नागरी लिपि परिषद नई दिल्ली की प्रेरणा से संत गंगादास नागरी सम्मान अतिथियों द्वारा शॉल, स्मृति चिन्ह, अभिनंदन पत्र एवं राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना की प्रदेश इकाई महाराष्ट्र के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. भरत शेणकर, प्रदेश महासचिव रोहिणी डावरे ने भी सम्मानित किया। समारोह में नागरी लिपि परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना के मुख्य संयोजक डॉ. शहाबुद्दीन शेख पूणे का भी अभिनंदन पत्र प्रदान करके शॉल से स्वागत किया।

समारोह में विशेष अतिथि रोहिणी डावरे, ललिता अध्यापक, उपमा आर्य, दीपिका पुणेकर, जया आनंद, डॉ. प्रिया ए., मनीषा खेडेकर, ज्योति मोरे, प्रतिभा येरेकार, ललिता घोरपडे, कंचन शर्मा, हेमा मस्के, डॉ. सुशिला पाल, सोमेश्वरी, डॉ. संगीता पाल आदि रहे। संचालन डॉ. रजिया शेख ने किया एवं आभार डॉ. प्रभा शर्मा ने माना।

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