कोलकाता। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि केंद्र पश्चिम बंगाल में नई शिक्षा नीति (एनईपी) लागू करने के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर काम कर रहा है। प्रधान ने संवाददाताओं से कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार नियमित रूप से बातचीत कर रही हैं और अगर कोई मतभेद है तो उसे दूर किया जा रहा है। पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा उठाए गए कुछ मुद्दों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पता नहीं है कि किसी के एनईपी 2020 के खिलाफ होने का क्या कारण हो सकता है। यह रोजगार पैदा करने वाली, आधुनिक और समकालीन नीति है। हमें पिछले दो वर्षों में सभी हितधारकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली है।’’

राज्य सरकार ने एनईपी की समीक्षा और शिक्षा संबंधी राज्य स्तरीय नीति की आवश्यकता का आकलन करने के लिए 10 सदस्यीय समिति का हाल में गठन किया।राज्य के शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु ने कहा था कि समिति नीति के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करेगी। बसु ने कहा था कि राज्य एनईपी पर अपनी प्रतिक्रिया को लेकर फैसला करेगी, क्योंकि शिक्षा समवर्ती सूची में है।

इस बीच, प्रधान ने 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं का स्कूलों में दो साल बाद सफलतापूर्वक आयोजन करने और 45 दिन के भीतर परिणाम प्रकाशित करने के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के प्राधिकारियों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे 10वीं और 12वीं दोनों कक्षाओं में लड़कियों के लड़कों से बेहतर प्रदर्शन करने पर भी खुशी हुई।’

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