साहित्यडीपी सिंह की रचनाएं Posted on May 23, 2023May 23, 2023 by Ashreya Prasad यह गहन मौन में जो निहित नाद है आत्म-परमात्म के बीच संवाद है राम मय हो गई चेतना इस तरह बाद उसके मुझे कुछ कहाँ याद है –डीपी सिंह बंगाल : मालदा के बाजार में आग लगने से एक व्यक्ति की मौत मोदी को सुनने सिडनी स्टेडियम में पहुंचे 20 हजार से ज्यादा प्रवासी भारतीय