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कानूनी सेवा प्राधिकरण की सहायता से विशेष आवश्यकता वाले युवक को मिली पारिवारिक पेंशन

खड़गपुर। झाड़ग्राम जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण की मदद से बेलियाबेड़ा ब्लॉक के विशेष आवश्यकता वाले युवक स्नेहांशु दे को पारिवारिक पेंशन प्राप्त हुई है। स्नेहांशु के पिता पंकज कुमार दे प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक थे।

वर्ष 2004 में सेवानिवृत्ति के बाद वे नियमित रूप से पेंशन प्राप्त कर रहे थे, लेकिन वृद्धावस्था जनित कारणों से दो वर्ष पूर्व उनका निधन हो गया। पंकज बाबू की पत्नी का निधन उससे भी पहले हो चुका था।

झाड़ग्राम जिले के बेलियाबेड़ा ब्लॉक के चोरचिता गांव निवासी स्नेहांशु दे लगभग सात वर्ष पहले एक बाइक दुर्घटना का शिकार हुए थे, जिसके बाद वे वर्तमान में 90 प्रतिशत शारीरिक रूप से दिव्यांग हैं। स्नेहांशु के लिए उनके पिता ही एकमात्र सहारा थे।

पिता के निधन के बाद स्नेहांशु कई तरह से असहाय हो गए। विशेष आवश्यकता वाले व्यक्ति होने के कारण वे पारिवारिक पेंशन के उत्तराधिकारी होने के बावजूद शारीरिक असमर्थता के चलते आवेदन नहीं कर पाए थे।

सोशल मीडिया के माध्यम से झाड़ग्राम जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण की विभिन्न सफलताओं को देखकर स्नेहांशु ने बेलियाबेड़ा ब्लॉक की “अधिकार मित्र” रीता दास दत्त से संपर्क किया। अधिकार मित्र रीता दास दत्त ने स्नेहांशु के घर जाकर उनकी पूरी समस्या सुनी।

अधिकार मित्र के माध्यम से स्नेहांशु ने जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण के सचिव के पास सहायता के लिए लिखित आवेदन दिया। स्नेहांशु के आवेदन के आधार पर मामले को गंभीरता से लेने के लिए झाड़ग्राम जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण के सचिव ने संबंधित ब्लॉक की अधिकार मित्र को निर्देश दिया।

सचिव के निर्देश के बाद बेलियाबेड़ा ब्लॉक की “अधिकार मित्र” रीता दास दत्त ने पेंशन प्राप्त करने के लिए विभिन्न विभागों से संपर्क कर सभी आवश्यक दस्तावेज जमा किए।

गुरुवार को झाड़ग्राम जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण को सूचना मिली कि स्नेहांशु के बैंक खाते में 23 महीनों की एरियर पेंशन के रूप में 2 लाख 98 हजार 701 रुपये जमा हो चुके हैं तथा उन्हें प्रतिमाह 12 हजार 843 रुपये की नियमित पेंशन मिलेगी।

आज शुक्रवार को झाड़ग्राम जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं न्यायाधीश रिहा त्रिवेदी के निर्देश पर “अधिकार मित्र” रीता दास दत्त ने बैंक पासबुक अपडेट कर स्नेहांशु के घर जाकर उन्हें पेंशन की राशि 2 लाख 98 हजार 701 रुपये मिलने की जानकारी दी।

इस खुशखबरी पर स्नेहांशु ने कहा कि “मुझे यह उम्मीद ही छोड़ देनी पड़ी थी कि मुझे कभी पेंशन मिलेगी, क्योंकि मेरी शारीरिक स्थिति में विभिन्न दफ्तरों में जाकर कागजात जमा करना संभव नहीं था।

सोशल मीडिया पर झाड़ग्राम जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण द्वारा समस्याओं के समाधान देखकर मैंने भी लिखित आवेदन किया। घर बैठे, पूरी तरह निःशुल्क, मुझे यह सेवा मिली।”

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