IMG 20241216 WA0003

खरमास में क्यों बंद रहते हैं शादी-विवाह? जानें इस महीने में क्या करें और क्या नहीं

वाराणसी। 15 दिसंबर से खरमास शुरू हो चुका है। इस दौरान किसी भी तरह का कोई भी मांगलिक कार्य जैसे :- शादी-विवाह, गृह प्रवेश या फिर मांगलिक संस्कार नहीं किए जाते। खरमास के दौरान सभी मांगलिक कार्य पूरी तरह से बंद हो जाते हैं। बता दें कि जब सूर्य मीन या धनु राशि में प्रवेश करते हैं तो खरमास लगता है। पंचांग के अनुसार, 15 दिसंबर को रात 10 बजकर 19 मिनट पर सूर्य धनु राशि में गोचर करेंगे। तो आइए इस आलेख में जानते हैं कि आखिर खरमास के दौरान शादी-विवाह और अन्य मांगलिक कार्य क्यों संपन्न नहीं होते हैं।

कब से शुरू और कब खत्म होगा खरमास 2024 : हिंदू पंचांग के मुताबिक 15 दिसंबर 2024 को जब सूर्यदेव धनु राशि में प्रवेश करेंगे तब खरमास की शुरुआत होगी। सूर्यदेव धनु राशि में करीब एक महीने तक रहेंगे और जब धनु से निकलकर अगली राशि यानी मकर राशि में प्रवेश करेंगे तब खरमास खत्म हो जाएगा। खरमास में सूर्य की गति धीमी हो जाती है जिस कारण किसी भी शुभ कार्य में सफलता मिलने की संभावना बेहद कम होती है। सूर्य मकर राशि में 14 जनवरी 2025 को प्रवेश करेंगे। इसी के साथ खरमास खत्म हो जाएगा और सभी तरह के शुभ और मांगलिक कार्य फिर से शुरू हो जाएंगे।

खरमास में क्यों वर्जित होते हैं मांगलिक कार्य? खरमास के दौरान सूर्य का प्रकाश और स्थिति दोनों ही कमजोर पड़ जाती है। इस वजह से शुभ प्रभावों में कमी आ जाती है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को ऊर्जा, प्रकाश, आत्मा, शक्ति और सभी ग्रहों का राजा माना जाता है। सूर्य प्रत्येक राशि में एक महीने तक रहते हैं और जब ये धनु और मीन राशि में प्रवेश करते हैं तो इनकी ऊर्जा सबसे कम होती है। धनु और मीन राशि के स्वामी ग्रह बृहस्पति होते हैं।

यह भी पढ़ें:  केरल : मनुष्यों और वन्यजीवों के बीच संघर्ष लोकसभा चुनाव में चर्चा का प्रमुख विषय होगा

शास्त्रों के अनुसार सूर्य जब देवगुरु बृहस्पति की राशि धनु और मीन राशि में प्रवेश करते हैं तो वह अपने गुरु की सेवा में रहते हैं। ऐसे में सूर्य का प्रभाव कम हो जाता है। साथ ही सूर्य की वजह से गुरु ग्रह का बल भी कमजोर होता है। इस कारण से दो प्रमुख ग्रहों की ऊर्जा में कमी आने के कारण कार्यों में स्थायित्व की कमी आ जाती है। शुभ और मांगलिक कार्यो में सूर्य और गुरु का बली होना जरूरी होता है। इसी वजह से खरमास के दौरान मांगलिक कार्य सफल नहीं होते और इस अवधि को मांगलिक कार्यों के लिए अशुभ मास माना जाता है।

खरमास में ना करें ये कार्य : गृह निर्माण या गृह प्रवेश जैसे कार्य नहीं करवाने चाहिए। नए व्यापार या कार्य की शुरुआत ना करें। खरमास में मुंडन, जनेऊ समेत सभी मागंलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। खरमास में शादी-विवाह या सगाई से जुड़ा कोई भी कार्य नहीं करना चाहिए।

दान पुण्य के लिए खरमास का महीना उत्तम : एक ओर खरमास मांगलिक कार्यों के लिए शुभ नहीं होता तो वहीं दूसरी ओर खरमास में भगवान सूर्य और विष्णु की पूजा को बेहद शुभ माना जाता है। साथ ही अगर दान पुण्य भी करना है तो उसके लिए भी खरमास का समय शुभ होता है। धार्मिक कार्यों को करने के लिए ये महीना शुभ होता है। पूजा-पाठ करने के साथ-साथ ही इस महीने में धार्मिक ग्रंथों का पाठ और पवित्र नदी में स्नान भी किया जा सकता है।

यह भी पढ़ें:  गीता के 18 अध्यायों का संक्षेप में हिंदी सारांश!

खरमास में इन बातों का रखें ध्यान : खरमास के दौरान प्रतिदिन सूर्यदेव को जल अर्पित करें। किसी भी मंदिर में जाकर प्रार्थना करें, “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” का नियमित रूप से जप करें। अत्यधिक स्वर्ण धारण ना करें। खरमास के दौरान सात्विक आहार का ही सेवन करें। खरमास के दौरान मदिरा, मांस इत्यादि का सेवन वर्जित माना गया है।

ज्योतिर्विद रत्न वास्तु दैवज्ञ
पंडित मनोज कृष्ण शास्त्री
मो. 99938 74848

पंडित मनोज कृष्ण शास्त्री

ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे कोलकाता हिन्दी न्यूज चैनल पेज को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। एक्स (ट्विटर) पर @hindi_kolkata नाम से सर्च करफॉलो करें।

Kolkata News Desk Avatar

Kolkata News Desk

News Editor MA

कोलकाता और पश्चिम बंगाल की ब्रेकिंग न्यूज, स्थानीय घटनाओं, खेल, राजनीति और सामाजिक मुद्दों की खबरों को कवर करता है। हमारी डेस्क टीम 24×7 सक्रिय रहकर पाठकों को ताज़ा और प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराती है।

यह भी पढ़ें:  उत्तर और दक्षिण भारत के इन हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी
Areas of Expertise: Sports, Politics & West Bengal
Fact Checked & Editorial Guidelines

Our Fact Checking Process

We prioritize accuracy and integrity in our content. Here's how we maintain high standards:

  1. Expert Review: All articles are reviewed by subject matter experts.
  2. Source Validation: Information is backed by credible, up-to-date sources.
  3. Transparency: We clearly cite references and disclose potential conflicts.
Reviewed by: Subject Matter Experts

Our Review Board

Our content is carefully reviewed by experienced professionals to ensure accuracy and relevance.

  • Qualified Experts: Each article is assessed by specialists with field-specific knowledge.
  • Up-to-date Insights: We incorporate the latest research, trends, and standards.
  • Commitment to Quality: Reviewers ensure clarity, correctness, and completeness.

Look for the expert-reviewed label to read content you can trust.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *