तारकेश कुमार ओझा, खड़गपुर। राजधानी कोलकाता की सड़कों पर जब सुबह की पहली किरणें बिखरीं, तब पूर्व भारत की धरती ने देखा ऊर्जा और एकता का अद्भुत संगम। कोल इंडिया लिमिटेड की पहल पर “फिट इंडिया मूवमेंट” के अंतर्गत, लोहा फाउंडेशन और भारतीय खेल प्राधिकरण के सहयोग से हुआ “कोलकाता साइक्लोथन 2025” – जो बन गया पूरे पूर्व भारत का सबसे बड़ा साइक्लिंग उत्सव।
इस आयोजन में राज्य के विभिन्न जिलों से लगभग पाँच हजार साइकिलिस्ट शामिल हुए, जिनमें पूर्व मेदिनीपुर और जंगलमहल क्षेत्र के प्रतिभागियों का उत्साह सबसे अलग नजर आया।
केयर ऑफ खेजुरी संस्थान और पूर्व मेदिनीपुर साइकिल समाज के साइकिलिस्टों ने पूरे जोश से भाग लेते हुए जन-जन तक फिटनेस और पर्यावरण के संदेश को पहुँचाने का संकल्प लिया।

पूर्व मेदिनीपुर साइकिल समाज के प्रतिनिधि शुभ्रजीत पांडा ने बताया,
“हमारे पचास से अधिक साइकिलिस्टों ने इस आयोजन में हिस्सा लिया। हमारा मकसद है कि साइक्लिंग की ऊर्जा जंगलमहल और पूर्व मेदिनीपुर के गांवों तक पहुँचे, ताकि युवाओं में प्रतियोगी भावना और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता पैदा हो।
”कार्यक्रम में पुलिस महानिरीक्षक (यातायात) कुणाल अग्रवाल, बैरकपुर पुलिस उपायुक्त अम्लान कुसुम घोष, भारतीय खेल प्राधिकरण के सहायक निदेशक लक्ष्मण डोंगरी, फिट इंडिया संयोजक कमल कुर्मी और लोहा फाउंडेशन के प्रतिनिधि मेहर प्रकाश तिवारी जैसे गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
पूर्व बर्दवान साइक्लिंग क्लब के संदीपन सरकार, कोलकाता साइकिल समाज के रघु दास सहित पूरे पूर्व भारत से आए साइकिलिस्टों की भागीदारी ने यह संदेश दिया कि साइकिल अब केवल परिवहन का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन और पर्यावरण चेतना का प्रतीक बन चुकी है।
आयोजकों के अनुसार, “कोलकाता साइक्लोथन 2025” ने फिटनेस, हरित जीवन और सामाजिक एकता का ऐसा संदेश दिया है जिसने पूर्व भारत की खेल संस्कृति में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।
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