कोलकाता। पश्चिम बंगाल के लोगों के लिए मुरमुरे (मुढ़ी) एक मुख्य भोजन है, लोग इसे सब्जी के साथ भी खाते हैं। बंगाल में मुरमुरे का इस्तेमाल बहुतायत से होता है।  मुरमुरे पर GST शायद बहुतों के लिए हल्की बात होगी  लेकिन पश्चिम बंगाल के लोगों के लिए आक्रोशित होने का एक अहम मुद्दा बन गया हैं। मुरमुरे पर GST को लेकर  बीते दिनों एक रैली में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी नाराजगी जाहिर की आक्रोशित होते हुए कहा था की, कहा- भाजपा के लोग अब मुढ़ी नहीं खाएंगे?

इससे लोगों में खासा नाराजगी है। ग्रामीण बंगाल के निवासी स्वपन कहते है कि मुढ़ी पर जीएसटी लगने से आश्चर्यचकित हूं। कभी नहीं सोचा था कि इस पर भी कर लिया जाएगा। यहां के बहुतायत लोग एक वक्त के खाने में मुढ़ी का इस्तेमाल करते है। वहीं एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि केंद्र की सरकार बड़े लोगों को छोड़ गरीबों को मारने पर जुटी है। रोजमर्रा की चीजों पर जीएसटी लगाकर सरकार ने गरीबों की कमर तोड़ दी है।

बता दें कि मुढ़ी चावल से तैयार किए जाने वाला एक खाद्य पदार्थ है, जिसे तेज आंच पर तैयार किया जाता है। ये स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है क्योंकि इसमें तेल, वसा जैसे तत्व नही होते हैं। मुढ़ी नुकसान भी नही पहुंचाते हैं। मुढ़ी में कैलोरी और फैट की मात्रा बहुत ही कम पाई जाती है। 100 ग्राम मुरमुरे में 402 कैलोरी, 0.5 ग्राम फैट, 0.1 ग्राम सैचुरेटेड फैट,

0 एमजी कोलेस्ट्रॉल, 113 एमजी कैल्शियम, 90 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 1.7 ग्राम आहार फाइबर, 6 ग्राम प्रोटीन, 6 मिलीग्राम कैल्शियम, 25 मिलीग्राम मैग्नीशियम, 31.7 मिलीग्राम आयरन, 0.1 मिलीग्राम पाइरोडॉक्सिन (विटामिन बी 6) पाया जाता है. इसीलिए डायटिशियन भी इसे खाने की सलाह देते हैं। लोग हल्की भूख के लिए इसे अक्सर इस्तेमाल करते हैं।

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