कोलकाता | 14 मार्च 2026: Election Commission of India के सूत्रों के अनुसार पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के तहत पहली पूरक मतदाता सूची अगले सप्ताह प्रकाशित की जा सकती है।
यह प्रक्रिया Supreme Court of India के निर्देशों के अनुसार की जा रही है, जिसमें मतदाता सूची की पारदर्शिता और शुद्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।
प्रारंभिक सूची में लाखों नामों की समीक्षा
चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक प्रारंभिक सूची में 6 लाख से अधिक नामों की समीक्षा की गई थी।
इसके अलावा अब तक लगभग 15 लाख नामों के मामलों का निपटारा भी किया जा चुका है। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना है।
न्यायाधिकरण करेंगे छूटे हुए मामलों की सुनवाई
चुनाव आयोग के अनुसार पूरक सूची में जिन लोगों के नाम छूट गए हैं, उनके मामलों की सुनवाई विशेष न्यायाधिकरणों द्वारा की जाएगी।
इन न्यायाधिकरणों का गठन Supreme Court of India के आदेश के अनुसार किया जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि इन न्यायाधिकरणों के गठन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और उम्मीद है कि अगले सप्ताह के अंत तक उनका कामकाज शुरू हो जाएगा।
35 लाख मतदाताओं के दस्तावेजों की जांच जारी
इस बीच लगभग 35 लाख मतदाताओं के दस्तावेजों का सत्यापन तेजी से किया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार इन मामलों की जांच पूरी होने के बाद उनका निपटारा भी जल्द किया जाएगा। इससे मतदाता सूची में किसी प्रकार की त्रुटि या विवाद की संभावना कम होगी।
पारदर्शी मतदाता सूची बनाने पर जोर
चुनाव आयोग का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण का मुख्य उद्देश्य पारदर्शी और त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करना है।
इस प्रक्रिया के तहत संदिग्ध या अपूर्ण दस्तावेज वाले मामलों की जांच की जा रही है ताकि अंतिम सूची में केवल पात्र मतदाताओं के नाम शामिल किए जा सकें।
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