कोलकाता | 1 दिसंबर 2025 : पश्चिम बंगाल में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सोमवार को कोलकाता में हंगामा हो गया। विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय पहुंचा।
इसी दौरान बीएलओ अधिकार रक्षा समिति के सदस्य वहां विरोध प्रदर्शन करने लगे। उनका आरोप है कि SIR प्रक्रिया के दौरान उन पर काम का अत्यधिक बोझ डाला जा रहा है।
🌟 क्या हुआ कार्यालय में?
- जैसे ही शुभेंदु अधिकारी और कई भाजपा विधायक अधिकारियों से मिलने पहुंचे, प्रदर्शनकारी सदस्यों ने नारेबाज़ी शुरू कर दी।
- प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के अवरोधक तोड़ने की कोशिश की।
- माहौल तनावपूर्ण हो गया और पुलिस को स्थिति संभालनी पड़ी।
ये सदस्य, इन दिनों चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया के दौरान काम के कथित तौर पर बहुत ज़्यादा बोझ को लेकर वहां प्रदर्शन कर रहे थे।

⚖️ बीएलओ फोरम की शिकायतें
- मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान लंबे समय तक काम और दबाव की शिकायत।
- कई BLOs का कहना है कि उन्हें सुरक्षा और पर्याप्त संसाधन नहीं मिल रहे।
- समिति ने चेतावनी दी है कि अगर हालात नहीं सुधरे तो वे बड़े आंदोलन की ओर बढ़ेंगे।
प्रदर्शनकारी सदस्य एसआईआर की अंतिम तिथि को दो महीने और बढ़ाकर ‘‘बहुत ज़्यादा काम के बोझ’’ से राहत देने और जान गंवाने वाले बीएलओ के परिजनों को मुआवजा देने की मांग कर रहे थे।
🌍 राजनीतिक संदर्भ
- पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया पहले से ही विवादों में है।
- विपक्षी दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए किया जा रहा है।
- वहीं, चुनाव आयोग का कहना है कि यह कदम मतदाता सूची को शुद्ध और पारदर्शी बनाने के लिए उठाया गया है।
शुभेंदु अधिकारी और दूसरे भाजपा विधायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल और विशेष भूमिका पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता से मिलने के लिए कार्यालय के अंदर पहुंचे, तब भी विरोध जारी था।
अधिकारियों ने बताया कि भाजपा प्रतिनिधिमंडल राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़ी चिंताओं को उठाने वाला था।
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