कोलकाता। 6 फरवरी 2026: 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल सरकार ने युवाओं को साधने के लिए एक बड़ा सामाजिक-आर्थिक कदम उठाया है। राज्य सरकार ने 21 से 41 वर्ष के योग्य बेरोजगार युवाओं को ₹1500 प्रति माह बेरोजगारी भत्ता देने की घोषणा की है। यह योजना 15 अगस्त 2026 से लागू होगी।
सरकार के मुताबिक, इस योजना का मकसद उन युवाओं को आर्थिक सहारा देना है, जो माध्यमिक या समकक्ष परीक्षा पास करने के बावजूद अब तक रोजगार नहीं पा सके हैं और किसी अन्य सरकारी छात्रवृत्ति या भत्ता योजना का लाभ नहीं ले रहे हैं।
योजना का नाम: ‘बांग्लार युवा साथी’
इस नई पहल को ‘बांग्लार युवा साथी’ प्रोजेक्ट नाम दिया गया है। इसके तहत योग्य बेरोजगारों को:

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₹1500 प्रति माह
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अधिकतम 5 वर्षों तक
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या जब तक रोजगार न मिल जाए, तब तक सहायता मिलेगी
सरकार का दावा है कि यह योजना राज्य के लाखों युवाओं को सीधे तौर पर राहत देगी।
₹5000 करोड़ का बजट तय
राज्य सरकार ने इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए करीब ₹5000 करोड़ का बजट निर्धारित किया है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, विधानसभा चुनाव के बाद इसे औपचारिक रूप से लागू किया जाएगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घोषणा चुनाव से पहले युवाओं को साधने की रणनीति का अहम हिस्सा है।
लक्ष्मी भंडार योजना में भी बढ़ोतरी
अंतरिम बजट में राज्य सरकार ने महिलाओं के लिए चल रही लक्ष्मी भंडार योजना में भी बड़ी राहत दी है—
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सामान्य वर्ग की महिलाएं: ₹1500 प्रति माह
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SC/ST वर्ग की महिलाएं: ₹1700 प्रति माह
लक्ष्मी भंडार योजना के लिए कुल ₹15,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
राज्य कर्मचारियों को भी राहत
सरकार ने राज्य कर्मचारियों के लिए भी राहत का ऐलान किया है—
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1 अप्रैल से बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता (DA) लागू होगा
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सातवें वेतन आयोग के गठन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी
चुनावी साल में बड़ा दांव
युवाओं, महिलाओं और कर्मचारियों को एक साथ साधने वाली इन घोषणाओं को 2026 विधानसभा चुनाव से पहले ममता सरकार का बड़ा दांव माना जा रहा है। बेरोजगारी, महंगाई और आय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सरकार सीधे आर्थिक सहायता के ज़रिए जवाब देती दिख रही है।
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